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ईरान ने ट्रंप को फिर दी धमकी... 800 कैदियों की फांसी रोकने के दावे को बताया सफेद झूठ

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि उनके हस्तक्षेप के कारण ईरान ने 800 प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी है. इस पर ईरान के शीर्ष प्रोसेक्यूटर का बयान आया है. उन्होंने दावे को पूरी तरह से गलत करार दिया है. इस बीच ईरान के एक धार्मिक नेता ने ट्रंप को धमकी भी दी है.

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अमेरिकी राष्ट्रति ट्रंप को ईरान के धार्मिक नेता ने धमकी दी है (Photo- ITG)
अमेरिकी राष्ट्रति ट्रंप को ईरान के धार्मिक नेता ने धमकी दी है (Photo- ITG)

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह से गलत करार दिया है, जिनमें ट्रंप ने कहा था कि उनके हस्तक्षेप के कारण ईरान ने 800 प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी है. ईरान ने इसे सफेद झूठ करार दिया है. ईरानी शीर्ष प्रोसेक्यूटर मोहम्मद मोवाहितदी ने कहा कि न तो ऐसी कोई संख्या है और न ही न्यायपालिका ने ऐसा कोई निर्णय लिया है.

ईरान की न्यायपालिका की समाचार एजेंसी ‘मिजान’ के माध्यम से मोवाहितदी ने कहा, “यह दावा पूरी तरह से झूठ है. ऐसी कोई संख्या मौजूद नहीं है, न ही न्यायपालिका ने कोई निर्णय लिया है. ईरान में शक्तियों का विभाजन है और कोई भी संस्था विदेशी ताकतों के निर्देश नहीं मानती."

दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह दावा बिना किसी स्रोत का उल्लेख किए किया था. वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रमुख अब्बास अराघची का ट्रंप के साथ सीधे संपर्क और अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ के साथ कई दौर की बातचीत की जानकारी के बाद यह संकेत भी मिल रहा है कि यह आंकड़ा विदेश मंत्रालय की ओर से दिया गया हो सकता है.

देश में तनाव और बढ़ती मौतों की संख्या

न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में दो हफ्तों से चल रहे इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई में मौतों की संख्या कम से कम 5,002 तक पहुंच गई है. मानवाधिकार समूह ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, इनमें 4,716 प्रदर्शनकारी, 203 सरकारी समर्थक, 43 बच्चे और 40 अन्य नागरिक शामिल हैं. वहीं, 26,800 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.

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ईरानी सरकार ने अपनी तरफ से बुधवार को कुल 3,117 मौतों की संख्या बताई, जिसमें 2,427 को नागरिक और सुरक्षा बल, बाकी को आतंकवादी बताया गया.

अमेरिकी नौसैनिक ताकतों का मध्य पूर्व की ओर मूवमेंट

इसी बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व की ओर अपनी नौसैनिक ताकतें बढ़ा दी हैं. अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln और उसके साथ अन्य युद्धपोत दक्षिण चीन सागर से होकर भारतीय महासागर की दिशा में बढ़ रहे हैं. ट्रंप ने कहा, “हम इस दिशा में एक बड़ी नौसेना भेज रहे हैं, बस जरूरत पड़ी तो इस्तेमाल भी करेंगे.”

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सैन्य बढ़ोतरी ट्रंप को ईरान पर हमला करने का विकल्प दे सकती है, हालांकि अभी तक वह सीधे तौर पर किसी हमले से बच रहे हैं. ट्रंप ने ईरान पर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिकी कार्रवाई ईरान की परमाणु साइटों पर पिछले हमलों को मूंगफली जैसा बना देगी.

ईरान की ओर से फिर से चेतावनी

ईरान के एक वरिष्ठ धार्मिक नेता मोहम्मद जवाद हाजी अली अकबरी ने ट्रंप की निंदा करते हुए उन्हें पीला चेहरा, पीले बालों वाला बदनाम व्यक्ति कहा और धमकी दी कि अगर अमेरिका ने कोई नुकसान पहुंचाया तो ईरान क्षेत्र में अमेरिकी हितों और ठिकानों को सटीक लक्ष्य बनाएगा.

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ईरान ने डे ऑफ द गार्डियन के अवसर पर अपनी रिवोल्यूशनरी गार्ड की शक्ति दिखाते हुए सैन्य ड्रोन की तस्वीरें और वीडियो भी दिखाए. इस दौरान एक सुरक्षा बल का सदस्य मास्क और चश्मे पहनकर इजरायल को धमकी भरे संदेश भी देता दिखा.

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