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ईरान की क्रांति में खामेनेई के खिलाफ लड़कर जान दे रहे लोग कौन हैं?

ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ जारी प्रदर्शन तेज हो रहे हैं, जिनमें अब तक कम से कम 500 लोगों की मौत हो चुकी है. युवा प्रदर्शनकारी, जैसे फैशन की पढ़ाई करने वाली छात्रा रोबिना अमिनियन, अपनी आजादी और महिलाओं के अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं और सुरक्षाबलों की गोलयों का शिकार हो रहे हैं.

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ईरान के विरोध-प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है (Photo: AP)
ईरान के विरोध-प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है (Photo: AP)

ईरान में बीते कई हफ्तों से जारी प्रदर्शन हर गुजरते दिन के साथ और तेज होते जा रहे हैं. ईरान की जनता सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के इस्लामी शासन से तंग आ चुकी है और बदलाव की मांग करते हुए सड़कों पर है. ईरानी शासन प्रदर्शनों को रोकने के लिए बलप्रयोग कर रहा है जिसमें अब तक कम से कम 500 लोगों की मौत हो गई है.

तेहरान की यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली 23 साल की रोबिना अमिनियन का सपना था कि वो फैशन में करियर बनाने के लिए मिलान शहर जाएं. उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर वो गर्व के साथ पारंपरिक कुर्दिश पोशाकें पहने हुए नजर आती थीं.

नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स एनजीओ (IHRNGO) के मुताबिक, गुरुवार को रोबिना तेहरान की शरियाती टेक्निकल यूनिवर्सिटी से निकलीं, जहां वो फैशन डिजाइन की पढ़ाई कर रही थीं, और राजधानी में सरकार विरोधी रैली में शामिल होने पहुंचीं.

परिवार ने कहा, 'अपनी आजादी के लिए पूरी ताकत से लड़ती थीं अमिनियन'

उनके चाचा नेजार मिनोई ने CNN से कहा, 'वो एक मजबूत और साहसी लड़की थी. उसे आप कंट्रोल नहीं कर सकते थे और न ही उसके लिए फैसले लिए जा सकते थे. वो उन चीजों के लिए लड़ती थी जिन्हें वह सही मानती थी और पूरी ताकत से लड़ती थी.'

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उन्होंने कहा, 'उसे आजादी की प्यास थी, महिलाओं के अधिकारों की प्यास थी, अपने अधिकारों की प्यास थी. कुल मिलाकर, वो एक ऐसी लड़की थी जो सचमुच जीती थी.'

नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन हेंगॉ के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान अमिनियन को गोली लगी जिससे उनकी मौत हो गई. प्रदर्शनों को देखते हुए ईरान की सरकार ने देशभर में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है.

ईरान में लगातार बढ़ रही मरने वालों की संख्या

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स इन ईरान (HRA) के डिप्टी डायरेक्टर स्कायलर थॉम्पसन के मुताबिक, बीते 15 दिनों में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान 490 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जिनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं.

तेहरान में दो लोगों ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को सुरक्षा बलों को राइफलें लहराते हुए देखा. उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने कई लोगों के ऊपर फायरिंग की. एक अन्य चश्मदीद ने बताया कि उसने अस्पताल में 'लाशों को एक-दूसरे के ऊपर ढेर लगा हुआ' देखा.

अमिनियन के परिवार ने बताया कि उनका शव बेहद ही बुरे हालात में रखा गया था. उनके चाचा मिनोई के अनुसार, परिवार पश्चिमी ईरान के केरमानशाह से तेहरान तक गाड़ी से गया था.

उनके पिता ने बताया कि अमिनियन का शव 18 से 22 साल के कई युवाओं के शवों के साथ रखा गया था. उनके चाचा ने बताया, 'लगभग सभी को सिर और गर्दन में गोली मारी गई थी.'

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अमिनियन के मरने से टूट गया परिवार

चाचा के मुताबिक, अधिकारियों ने शुरू में बेटी का शव सौंपने से इनकार कर दिया था लेकिन जब परिवार को आखिरकार शव मिला, तो उन्हें बिना किसी रस्म के अपने हाथों से ही अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर किया गया.

उन्होंने कहा, 'एक परिवार के रूप में हम टूट चुके हैं, लेकिन हमारा सिर गर्व से ऊंचा है, क्योंकि हमारी बेटी आजादी के रास्ते पर शहीद हुई, एक बेहतर जिंदगी के उस रास्ते पर, जिसके लिए वो लड़ी.'

जान का खतरा होने के बावजूद, ईरान में प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर रहे हैं. ईरान की मुद्रा ईरानी रियाल में गिरावट और गंभीर आर्थिक स्थिति को लेकर देश भर में फैली अशांति 180 से ज्यादा शहरों तक पहुंच चुकी है.

ईरान में प्रदर्शनकारियों को कई मोर्चों पर मौत का खतरा है- अगर वो सड़क पर हैं तो सुरक्षा बलों की गोलियों से उनकी जान जा सकती है या फिर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 'मोहारेबेह' यानी 'ईश्वर के खिलाफ युद्ध' जैसे आरोपों का सामना करना पड़ सकता है, जिसकी सजा में फांसी तक शामिल है.

तीन बच्चों के पिता को सुरक्षाबलों ने मारी गोली

पश्चिमी ईरान के केरमानशाह में तीन बच्चों के पिता इब्राहिम यूसिफी को गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान सिर में गोली मारी गई. 42 साल के यूसिफी एक अस्पताल में कर्मचारी थे और उनके पीछे दो बेटे और एक बेटी हैं.

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उनके चचेरे भाई ने सुरक्षा कारणों से नाम न बताने की शर्त पर कहा, 'गुरुवार से परिवार से उनका संपर्क पूरी तरह कट गया. इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में रहने वाले हमारे रिश्तेदार भी ईरान में किसी से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, ताकि यह पुष्टि हो सके कि उनका शव लौटाया गया या नहीं. कुर्द बहुल इलाकों में अधिकारियों की कार्रवाई देश के कई अन्य हिस्सों की तुलना में कहीं ज्यादा सख्त रही है.'

नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन हेंगॉ के अनुसार, पूर्व बॉडीबिल्डिंग चैंपियन मेहदी जतपरवर की भी शुक्रवार को एक प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई.

हेंगॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, 39 वर्षीय जतपरवर की उत्तर-पश्चिमी ईरान के गिलान प्रांत के रश्त शहर में प्रदर्शन के दौरान हत्या हुई. इंटरनेशनल फिटनेस एंड बॉडीबिल्डिंग फेडरेशन के अनुसार, वो दो बार के वर्ल्ड क्लासिक बॉडीबिल्डिंग चैंपियन थे. उनके पास स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी में मास्टर डिग्री थी और गिलान में उन्हें एक अनुभवी कोच माना जाता था.

ईरानवायर के मुताबिक, जतपरवर ने अपने आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, 'हम सिर्फ अपने अधिकार चाहते हैं, 40 साल से दबाई गई आवाज को अब चिल्लाकर बाहर आना चाहिए.' उनका इंस्टाग्राम अकाउंट अब हटा दिया गया है.

पश्चिमी ईरान के लोरेस्तान प्रांत के अजना शहर में 1 जनवरी को हुए प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की भी पहचान सामने आ रही है.

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युवा हेयरड्रेसर को भी लगी गोली

ईरानवायर के अनुसार, 28 वर्षीय हेयरड्रेसर और मॉडलिंग के शौकीन शयान असदोल्लाही की 1 जनवरी को सरकारी बलों ने हत्या कर दी. इंस्टाग्राम पर उनके 50 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे, जहां वह हेयरस्टाइलिंग वीडियो पोस्ट करते थे.

उसी दिन, 17 वर्षीय रजा मोरादी अब्दोलवंद को भी अजना में सुरक्षा बलों ने निशाना बनाया, जिससे वो कोमा में चले गए. कई दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद 5 जनवरी को उनकी मौत हो गई. वह ऑटो बॉडी रिपेयर की ट्रेनिंग ले रहे थे.

ईरानवायर के मुताबिक, 28 साल के अहमदरेजा अमानी वकील बनने की ट्रेनिंग ले रहे थे और यज्द बार एसोसिएशन में इंटर्न थे. 1 जनवरी के प्रदर्शन के चार दिन बाद सरकार ने उनका शव दफना दिया और बाद में परिवार को उसकी जगह की जानकारी दी. 

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