विदेश में पढ़ाई या नौकरी कर रहे भारतीय छात्रों के लिए भारत सरकार ने एक अहम सलाह जारी की है. विदेश मंत्रालय ने छात्रों से अपील की है कि वे जिस देश में पढ़ाई कर रहे हैं, वहां मौजूद भारतीय एंबेसी या हाई कमीशन में अपना रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं. सरकार का कहना है कि ऐसा करने से किसी भी आपातकालीन स्थिति में छात्रों तक जल्दी मदद पहुंचाई जा सकेगी.
दरअसल, पिछले कुछ सालों में रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में तनाव और अन्य अंतरराष्ट्रीय संकटों के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों को अचानक सहायता और निकासी की जरूरत पड़ी थी. कई मामलों में भारतीय दूतावासों को छात्रों से संपर्क करने में मुश्किल हुई, क्योंकि उनके पास छात्रों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था. इसी वजह से अब विदेश मंत्रालय विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों का अपडेटेड डेटा तैयार करना चाहता है.
सरकार का मानना है कि एंबेसी में रजिस्ट्रेशन होने से केवल इमरजेंसी निकासी ही आसान नहीं होगी, बल्कि पासपोर्ट, वीजा, स्थानीय कानून, सुरक्षा अलर्ट और अन्य जरूरी जानकारी भी छात्रों तक तेजी से पहुंचाई जा सकेगी. खासकर उन देशों में जहां भारतीय छात्रों की संख्या काफी ज्यादा है, वहां यह प्रक्रिया और महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
विदेश मंत्रालय की MADAD सेवा और संबंधित भारतीय एंबेसी की वेबसाइट के जरिए छात्र या नौकरी पेशा लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके लिए कुछ बेसिक जानकारी देनी होती है, जैसे-
कई भारतीय एंबेसी अपनी वेबसाइट पर “Student Registration” या “Indian Nationals Registration” सेक्शन भी उपलब्ध कराती हैं, जहां फॉर्म भरकर सीधे पंजीकरण किया जा सकता है.
रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी माना जा रहा है?
MEA के अनुसार, विदेश में पढ़ रहे या नौकरी कर लाखों भारतीय का कोई केंद्रीकृत रिकॉर्ड मौजूद नहीं है. ऐसे में संकट के समय सभी छात्रों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. रजिस्ट्रेशन होने से एंबेसी जरूरत पड़ने पर तुरंत अलर्ट भेज सकती है. सुरक्षा सलाह जारी कर सकती है, निकासी अभियान में छात्रों को प्राथमिकता से शामिल कर सकती है और दस्तावेजी सहायता और स्थानीय सपोर्ट उपलब्ध करा सकती है.
विदेश मंत्रालय ने छात्रों और उनके परिवारों से अपील की है कि वे इसे केवल औपचारिकता न समझें, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम मानें.