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Corona Vaccine: कोरोनाकाल में मदद के लिए आगे आया अमेरिका, कोवैक्स के जरिए भारत को मिलेंगे 8 करोड़ टीके

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का यह कदम जून के अंत तक वैश्विक स्तर पर आठ करोड़ वैक्सीन्स को शेयर करने के लिए उनके प्रशासन के फ्रेमवर्क का एक हिस्सा है. भारत में अप्रैल-मई महीने में कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा था, तब भी अमेरिका ने भारत का साथ देते हुए मेडिकल सप्लाई भेजी थी.

Joe Biden and Coronavirus Vaccine Joe Biden and Coronavirus Vaccine
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोवैक्स के जरिए भारत को मिलेंगे आठ करोड़ टीके
  • अमेरिका के विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने दी जानकारी
  • अमेरिका ने कहा कि भारत में महामारी का पड़ा है काफी असर

दुनियाभर में जारी कोरोना महामारी के बीच अमेरिका वैक्सीन को लेकर मदद करने के लिए सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के हाल ही में ऐलान करने के बाद विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि कोवैक्स के जरिए भारत को 8 करोड़ कोरोना वैक्सीन दी जाएंगी. 2 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की थी कि अमेरिका समर्थित कोवैक्स ग्लोबल वैक्सीन शेयरिंग प्रोग्राम के तहत अपने भंडार से कोविड के 75 फीसदी- 2.5 करोड़ डोज की पहली किश्त में से तकरीबन 1.9 करोड़ आवंटित करेगा. यह दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ-साथ अफ्रीका के लिए भी होंगी. बाइडन का यह कदम जून के आखिरी तक वैश्विक स्तर पर आठ करोड़ वैक्सीन्स को शेयर करने के लिए उनके प्रशासन के फ्रेमवर्क का एक हिस्सा है.

व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट के मुताबिक, कोवैक्स के जरिए से लगभग 1.9 टीकों को शेयर किया जाएगा. अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, ''भारत में वैक्सीन्स की शिपमेंट कब तक पहुंचेगी, इसके बारे में मेरे पास कोई विशेष जानकारी नहीं है. बेशक, भारत को उन आठ करोड़ टीकों का एक हिस्सा मिलेगा, जोकि कोवैक्स के जरिए से दिया जाएगा. मेरा मानना है कि उस क्षेत्र के लिए लगभग 60 लाख टीके होंगे.''

बता दें कि कई देशों के लिए कोरोना वैक्सीन मुहैया करवाने के लिए कोवैक्स का गठन किया गया है. विदेश विभाग के प्रवक्ता ने आगे कहा, ''हम जानते हैं कि भारत को इस महामारी से बहुत नुकसान हुआ है और जैसा कि हमने इन टीकों के मामले में किया है, वैसा ही हमने वैक्सीन को साझा करने की घोषणा से पहले भी किया था. हमने इस महामारी से बाहर निकलने का रास्ता दिखाने में मदद करने के लिए भारत में अपने भागीदारों के साथ मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को भी बताया है.'' 

कोरोना की महामारी शुरू होने के बाद अमेरिका ने भारत की काफी मदद की है. दूसरी लहर के दौरान, बड़ी संख्या में अमेरिका ने मेडिकल सप्लाई मुहैया करवाई थी, जिसमें वेंटिलेटर्स, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स आदि शामिल थे. वहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल का जवाब देते हुए प्रवक्ता ने दावा किया कि बाइडन प्रशासन भारत सरकार और वहां के लोगों को इस महामारी से उबारने में मदद करने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है. प्राइस ने कहा, ''हम लगातार प्राइवेट सेक्टर से संपर्क बनाए हुए हैं और हमने भारत के लिए टीकों की अपनी प्रतिबद्धता के बारे में बात भी की है.''

बताते चलें कि भारत में अप्रैल-मई महीने में कोरोना की दूसरी लहर ने काफी तबाही मचाई थी, जिसके बाद मामले कम हो रहे हैं. पिछले 24 घंटों में 94,052 नए मामले सामने आने के बाद मरीजों की संख्या बढ़कर 2,91,83,121 हो गई है. बिहार में मृतकों की संख्या में बदलाव किए जाने के बाद पिछले एक दिन में महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 6,148 रही. अभी तक 3,59,676 लोग कोरोना के चलते जान गंवा चुके हैं.

 

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