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भारत में जन्मे ममनून हुसैन चुने गए पाकिस्तानी राष्ट्रपति

भारत में जन्मे पाकिस्तानी उद्योगपति और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी सहयोगी ममनून हुसैन अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को एकतरफा चुनाव में मात देकर पाकिस्तान के 12वें राष्ट्रपति चुने गए.

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ममनून हुसैन
ममनून हुसैन

भारत में जन्मे पाकिस्तानी उद्योगपति और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी सहयोगी ममनून हुसैन अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को एकतरफा चुनाव में मात देकर पाकिस्तान के 12वें राष्ट्रपति चुने गए. 73 वर्षीय हुसैन नौ सिंतबर को राष्ट्रपति भवन में शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण के बाद हुसैन देश के वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का स्थान लेंगे. जरदारी का पांच वर्ष का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है.

सरकारी मीडिया की खबरों के अनुसार, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के उम्मीदवार पूर्व न्यायाधीश वजीहुदीन अहमद को हरा कर हुसैन स्पष्ट विजेता के तौर पर उभरे हैं. असेम्बली में मुख्य विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी :पीपीपी: ने चुनाव से अपने उम्मीदवार रजा रब्बानी का नाम वापस ले लिया था. पार्टी ने मतदान की तारीख छह अगस्त से खिसका कर 30 जुलाई करने के उच्चतम न्यायालय के निर्णय के विरोध में चुनाव का बहिष्कार किया.

नेशनल असेम्बली, सीनेट और चार प्रांतीय सभाओं में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान सुबह 10 बजे आरंभ हुआ और दोपहर तीन बजे समाप्त हुआ. चुनाव परिणाम के अनुसार, सीनेट और नेशनल असेम्बली से हुसैन को 277 मत मिले. हुसैन को जीत के लिए 263 मतों की जरूरत थी. वजीहुदीन अहमद को 34 मत मिले जबकि चुनाव अधिकारियों ने तीन मत खारिज कर दिए.

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खबर पख्तूनख्वा प्रांत की सभा में 110 सदस्यों ने मतदान किया, इनमें से 69 ने अहमद के पक्ष में जबकि 41 ने हुसैन के पक्ष में मतदान किया. सिंध प्रांत की सभा के 71 सदस्यों में से 69 ने मतदान किया. इसमें से 64 मत हुसैन के पक्ष में पड़े जबकि पांच अहमद के पक्ष में पड़े. 56 सदस्यीय बलुचिस्तान प्रांत की सभा में 55 सदस्यों ने पीएमएल-एन प्रत्याशी ममनून के पक्ष में मतदान किया जबकि एक ने उनके विपक्षी के हक में मत दिया.

पंजाब में हुसैन को 313 मत मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी अहमद को महज 24 मत मिले. ऐतिहासिक शहर आगरा में जन्मे हुसैन उर्दू भाषी जातिय समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. पीएमएल-एन के उम्मीदवार वर्ष 1947 में विभाजन के दौरान पाकिस्तान आए. हुसैन अगले पांच वर्ष तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहेंगे. चुनाव परिणाम की घोषणा के तुरंत बाद हुसैन ने पीएमएल-एन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.

पाकिस्तान में राष्ट्रपति का पद औपचारिक मात्र है इसके बावजूद वह सेना का संवैधानिक प्रमुख है. वह प्रधानमंत्री की सलाह पर तीनों सेना प्रमुखों की नियुक्ति भी करता है. अभी तक पाकिस्तान में 11 राष्ट्रपति हुए हैं जिनमें से पांच सैन्य जनरल रहे हैं. चार लोगों ने तख्ता पलट के जरिए सत्ता हासिल किया था जबकि पहले राष्ट्रपति मेजर सिकंदर मिर्जा वर्ष 1956 में पहला संविधान अंगीकृत किए जाने के बाद निर्वाचित हुए थे.

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सिंध के पूर्व गर्वनर और इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के एलुमनी हुसैन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के पुराने वफादार हैं. पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ के शासन के दौरान भी वह पीएमएल-एन से जुड़े रहे थे. हुसैन ने वर्ष 1965 में इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से स्नातक की शिक्षा ली. हुसैन जून से अक्तूबर 1999 तक सिंध के गवर्नर रहे. अक्‍टूबर 1999 में सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ द्वारा नवाज शरीफ का तख्ता पलट किए जाने के बाद उन्हें अपना पद गंवाना पड़ा था.

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