पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी 8 सितंबर को अपना कार्यकाल पूरा होते ही मुल्क छोड़कर विदेश भाग सकते हैं. अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में जांच की संभावना के चलते जरदारी यह कदम उठा सकते हैं.हालांकि उनके खेमे के लोग कह रहे हैं कि जरदारी सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान छोड़कर कहीं और ठिकाना बनाएंगे.
राजनैतिक हलकों में कहा जा रहा है कि अब इतने बरस के इंतजार के बाद नवाज सत्ता के केंद्र में हैं. उन्होंने पांच साल जरदारी की मनमानी सही. लेकिन अब पाकिस्तान सरकार कई राजनैतिक और नीति से जुड़े मामलों में जरदारी की भूमिका की जांच करेगी. इसके चलते उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है. इसके अलावा पीपीपी खेमा कह रहा है कि अमेरिका के साथ पार्टी की सरकार के सहयोगी रवैये की वजह से तालिबानी और दूसरे कट्टरपंथी खेमे जरदारी से नाराज हैं और उनके राष्ट्रपति के पद से हटने का इंतजार कर रहे हैं. पद जाते ही उनकी सुरक्षा और दूसरे तामझाम भी खत्म हो जाएंगे. पाकिसातनी अखबार डॉन ने जरदारी परिवार के करीबी सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है कि सुरक्षा को लेकर जरदारी चिंतित हैं. उनके करीबी जरदारी की पत्नी और पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की नजीर दे रहे हैं. भुट्टो सुरक्षा खतरों को नजरअंदाज कर 2007 में पाकिस्तान लौटी थीं और एक चुनावी रैली में उनकी हत्या कर दी गई थी.
गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे जनरल परवेज मुशर्रफ भी 2008 में महाभियोग की संभावना के चलते देश छोड़कर लंदन चले गए थे. उनके खिलाफ भी राष्ट्रदोह और भ्रष्टाचार समेत कई मामले चल रहे हैं. हालांकि मुशर्रफ इस साल चुनावों में हिस्सेदारी के लिए मुल्क वापस लौट आए और तब से नजरबंद हैं.