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पाकिस्तानः सियासी उठापटक पर आर्मी ने झाड़ा पल्ला, कहा- पॉलिटिकल संकट में हमारा कोई दखल नहीं

पाकिस्तान की सियासत ऐसा मोड़ लेगी ये किसी ने भी अनुमान नहीं लगाया होगा. वहीं पाकिस्तान की आर्मी ने कहा कि हम इस पूरे घटनाक्रम से दूर हैं. इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है.

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जनरल कमर जावेद बाजवा (फाइल फोटो- पीटीआई)
जनरल कमर जावेद बाजवा (फाइल फोटो- पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने संसद भंग की
  • बिलावल बोले हम कानून के मुताबिक चलेंगे

पाकिस्तान के लिए रविवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा. यहां सुबह से ही सियासी उठापठक मची हुई है. बता दें कि इमरान खान की सिफारिश के आधा घंटे के भीतर ही राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने संसद भंग कर दी है. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आर्मी ने भी अपना पक्ष साफ कर दिया है.

पाकिस्तान की आर्मी ने कहा कि मुल्क में आज जो भी सियासी हलचल हो रही है. वो पूरी तरह से राजनीतिक है, इमसें आर्मी का कोई दखल नहीं है. आर्मी की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि इसमें हमारी कोई भी भूमिका नहीं है. इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक बाबर इफ्तिखार ने कहा कि हम इस घटनाक्रम से दूर हैं.

सेना ने 73 से अधिक वर्षों के पाकिस्तान के इतिहास में आधे से अधिक समय तक देश पर शासन किया है. बता दें कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने पिछले हफ्ते दो बार प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात की थी. 

एजेंसी के मुताबिक प्रधानमंत्री इमरान खान के अनुसार सेना के शीर्ष नेतृत्व ने पिछले हफ्ते उनसे मुलाकात की और राजनीतिक गतिरोध को हल करने के लिए तीन विकल्पों की पेशकश की. इसमें उनका इस्तीफा, अविश्वास का सामना करना या जल्दी चुनाव बुलाना शामिल था.

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वहीं, पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने कहा कि हम कानून के मुताबिक चलेंगे. उन्होंने कहा कि हम चुनाव के लिए तैयार हैं. हमें विश्वास है कि शरीयत हमारे साथ हैं. हम जम्हूरित के साथ हैं. याद रखें कि हम कोई भी जंगल कानून लागू नहीं होने देंगे. 

बिलावल भुट्टो ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस पर तुरंत फैसला लेगी. साथ ही कहा कि इमरान खान जिस तरह से भागे हैं, ये पूरी कौम और मुल्क ने देख लिया है. 

वहीं पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की नेता मरियम औरंगजेब ने कहा कि इमरान खान गद्दार हैं. उन्होंने एक असंवैधानिक कदम उठाया है और हम अब नेशनल असेंबली में विरोध कर रहे हैं और जब तक यह फैसला रद्द नहीं हो जाता तब तक हम कहीं नहीं जाएंगे. 
 

 

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