अमेरिका-इजरायल से जंग के बीच ईरान में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया है. ये भूकंप ईरान के गराश इलाके में आया है. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने कहा है कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 थी. USGS ने कहा कि भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था.
गराश ईरान के फार्स प्रांत (Fars Province) में स्थित एक शहर है. यह Gerash County का मुख्यालय है और दक्षिणी ईरान में लारेस्तान क्षेत्र के हिस्से में आता है. ईरान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंपीय सक्रिय (seismically active) देशों में से एक है, क्योंकि यहां अरेबियन प्लेट और यूरेशियन की टक्कर से जाग्रोस फोल्ड थ्रस्ट बेल्ट बना हुआ है. गराश इसी बेल्ट का हिस्सा है.इस क्षेत्र में 4 से 5 मैग्निट्यूड के भूकंप काफी आम हैं. 3 मार्च 2026 को गराश में 4.3 मैग्निट्यूड का भूकंप आया है.
हालांकि युद्ध के बीच आए इस भूकंप को एक्सपर्ट शक की नजरों से देख रहे हैं. माना जाता है कि ईरान अपनी न्यूक्लियर ताकत का प्रदर्शन करने के लिए परमाणु परीक्षण कर सकता है. जंग की स्थिति इस भूकंप को और भी संदेहपूर्ण बना देती है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अंडरग्राउंड न्यूक्लियर टेस्ट में 4.5 रिक्टर स्केल से ऊपर की तीव्रता का भूकंप पैदा होता है.
परमाणु बम बनाने से कुछ ही दूर है ईरान
बता दें कि ईरान ने कई बार कहा है कि वो 24 घंटे में परमाणु बम बना सकता है.
ईरान पहले ही खतरनाक रूप से न्यूक्लियर बम के फिनिश लाइन के बहुत करीब है. इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) की फरवरी 2026 की एक गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार हाल के मिलिट्री टकराव से पहले ईरान के पास लगभग 440.9 किलोग्राम यूरेनियम था, जो 60% शुद्धता तक एनरिच्ड था.
एनरिचमेंट का यह लेवल हथियार-ग्रेड मटीरियल के लिए ज़रूरी 90% शुद्धता के करीब है. IAEA के पैमानों के अनुसार यह 440.9 kg का स्टॉक, अगर और एनरिच्ड किया जाए तो लगभग 10 न्यूक्लियर हथियार बनाने के लिए काफी है.
वर्तमान में क्षेत्र में US-इजरायल और ईरान के बीच तनाव/युद्ध की स्थिति है. इसलिए हर भूकंप या विस्फोट को न्यूक्लियर टेस्ट से जोड़ने की खबरें आती रही हैं. हालांकि वैज्ञानिक डाटा इसकी पुष्टि नहीं करते हैं.
जंग का चौथा दिन
ईरान और अमेरिका इजरायल के बीच जंग का चौथा दिन है. आज भी दोनों पक्षों की ओर से लगातार बॉम्बिंग हो रही है. लोकल मीडिया ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी ईरान में एक एयर बेस को निशाना बनाकर किए गए एयरस्ट्राइक में कम से कम 13 ईरानी सैनिक मारे गए.
सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज़ एजेंसी और हम्मीहान डेली न्यूज़पेपर ने ईरान की राजधानी तेहरान से 800 किलोमीटर (500 मील) दक्षिण-पूर्व में केरमान में हुए इस हमले की खबर दी. केरमान एयर बेस को मिलिट्री हेलीकॉप्टर रखने के लिए जाना जाता है.
इधर ईरान ने मंगलवार सुबह सऊदी अरब की राजधानी में US एम्बेसी पर ड्रोन से हमला किया, जबकि वह इलाके के टारगेट पर लगातार हमले कर रहा था. वहीं, यूनाइटेड स्टेट्स और इज़राइल ने ईरान पर हवाई हमले किए. US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह एक लगातार चलने वाले कैंपेन की बस शुरुआत है जो एक महीने से ज़्यादा चल सकता है.
सऊदी अरब के डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक रियाद में US एम्बेसी पर दो ड्रोन से हुए हमले में "थोड़ी आग" लगी और मामूली नुकसान हुआ, और एम्बेसी ने अमेरिकियों से कंपाउंड से दूर रहने को कहा. यह कुवैत में US एम्बेसी पर हुए हमले के बाद हुआ, और US स्टेट डिपार्टमेंट ने मंगलवार को एहतियात के तौर पर बहरीन और जॉर्डन में नॉन-इमरजेंसी लोगों और उनके परिवार वालों को निकालने का ऑर्डर दिया.
ईरान की राजधानी में पूरी रात से लेकर सुबह तक धमाके होते रहे. गवाहों ने बताया कि ऊपर से हवाई जहाज़ों की आवाज़ें सुनाई दीं. यह तुरंत साफ़ नहीं हो पाया कि किस चीज़ पर हमला हुआ था. और लेबनान में, इज़रायल ने ईरान के सपोर्ट वाले मिलिशिया ग्रुप हिज़्बुल्लाह पर और हमले किए.