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यूके से लेकर डेल्टा तक, कोरोना के हर वैरिएंट पर कारगर है स्पूतनिक वैक्सीन

रूसी वैक्सीन स्पूतनिक वी, कोरोना के हर वैरिएंट पर प्रभावी होगा. गामालेया इंस्टीट्यूट के मुखिया अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने यह दावा किया है.

रूस की वैक्सीन Sputnik V (फोटो- Reuters) रूस की वैक्सीन Sputnik V (फोटो- Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गामालेया इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है Sputnik V
  • अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने वैक्सीन के असर पर किया दावा

कोरोना के खिलाफ रूस के गामालेया इंस्टीट्यूट की ओर से तैयार की गई वैक्सीन, स्पूतनिक वी, कोविड के हर वैरिएंट के खिलाफ एंटीबॉडी तैयार करने में सक्षम है. यूके वैरिएंट से लकर भारत के तथाकथित डेल्टा वैरिएंट तक, कोरोना के हर म्युटेशन पर रूसी वैक्सीन असरदार होगी. यह दावा गामालेया इंस्टीट्यूट के हेड अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने किया है.

एक ट्वीट के जरिए उन्होंने कहा है कि टीकाकरण के बाद कोरोना के हर वैरिएंट पर स्पूतनिक वी वैक्सीन कारगर है. भारत में रूसी वैक्सीन स्पूतनिक वी के लिए लोग इंतजार कर रहे हैं. लोगों का यह इंतजार अब और बढ़ सकता है.

भारत में इस वैक्सीन के लिए इंतजार कुछ दिन और बढ़ सकता है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दो प्राइवेट अस्पतालों में इस वैक्सीन को लगाया जाएगा. इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल और मधुकर रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में जाकर लोग रूसी वैक्सीन लगवा सकेंगे.

वैक्सीन और इम्युनिटी दोनों को चकमा दे सकता है कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टा प्लस: एक्सपर्ट्स 

स्पुतनिक वी वैक्सीन 29 जून से नई दिल्ली के मधुकर रेनबो चिल्ड्रन हॉस्पिटल में उपलब्ध होगी. साथ ही, अपोलो अस्पताल का कहना है कि 25 जून से स्पूतनीक वी वैक्सीन से लोगों का टीकाकरण किया जा सकेगा. 

अपोलो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने पहले कहा था कि 20 जून तक स्पुतनिक वी वैक्सीन की पहली डोज लोगों को लगनी शुरू हो सकती है. हालांकि बाद में अस्पताल ने स्पष्ट किया था कि यह रूसी वैक्सीन की पर्याप्त खुराक की डिलीवरी पर तय करेगा कि वैक्सीन कब से दी जा सकेगी.

कितना खतरनाक है डेल्टा प्लस वैरिएंट?
कोरोना वायरस हर दिन नया रूप बदल रहा है. कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने जहां कोरोना संक्रमण की रफ्तार दूसरी लहर में बढ़ाई थी, वहीं इस वैरिएंट के नए म्यूटेशन डेल्टा प्लस ने भी चिंता बढ़ा दी है. एक्सपर्ट्स का दावा है कि डेल्टा प्लस वैरिएंट रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बेअसर कर सकता है. ऐसे में स्पूतनिक वी वैक्सीन पर गामालेया इंस्टीट्यूट का दावा, कितना असरदार होगा, यह आने वाले दिनों के आंकड़ों पर तय करेगा.

 

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