डॉ. एड्रिन जेंज ने चीनी सरकार के लीक हुए दस्तावेजों का अध्ययन किया है. ये दस्तावेज मंडेरिन भाषा में हैं. इसके आधार पर उन्होंने दावा किया है कि चीन द्वारा बनाए गए कथित रि एजुकेशन कैंप में 18 लाख उइगर मुसलमानों को बंद करके रखा गया है.
चीन मुस्लिम आबादी कम करने के लिए दमनकारी नीतियां अपना रहा है. चीन की सरकारी डेटा, राज्य सरकार के दस्तावेजों और भूतपूर्व बंदियों से बातचीत के बाद डॉ. एड्रिन जेंज ने एक रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि चीन की सरकार देश के अल्पसंख्यक मुसलमानों के खिलाफ जनसांख्यिकीय और सांस्कृतिक संहार का अभियान चला रही है.
अमेरिका, जापान, यूरोप ने की जांच की मांग
इस रिपोर्ट के दास्तान इतने खौफनाक हैं कि इसकी चर्चा दुनिया भर में हो रही है. इसके तथ्य अखबारों की सुर्खियां बन रहे हैं. विश्व के नेताओं ने इस मामले में चीन के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. यूरोपियन यूनियन, ऑस्ट्रेलियन, उत्तरी अमेरिका और जापान के नेताओं के नेतृत्व में बने एक संगठन इंटर पार्लियामेंट्री अलायंस ऑन चाइना ने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
...ताकि महिलाएं गर्भवती न हो पाएं
डॉ. एड्रिन जेंज के रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सरकार जहां बहुसंख्यक हान मूल के चीनियों को आबादी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है, वहीं उइगर मुस्लिम महिलाओं का जबरन गर्भपात, बंध्याकरण करवाया जा रहा है. चीन की स्वास्थ्य एजेंसियां उइगर मुसलमानों की आबादी को कम करने के लिए मुस्लिम युवतियों की सहमति के बिना उनके गर्भाशय में आधुनिक उपकरण लगा रही है, ताकि वो गर्भवती न हो पाएं.
भारत में आतंक फैलाने वाला पाकिस्तान चीन के सामने नतमस्तक, नहीं दिखते उइगरों पर अत्याचार
तीन बच्चों के माता-पिता पर कहर
रिपोर्ट के मुताबिक जिन परिवारों में ज्यादा बच्चे होते हैं उन्हें बंदी गृह में भेजा जाता है. तीन या तीन से ज्यादा बच्चों के माता-पिता को उनके परिवार से अलग कर दिया जाता है, और उन्हें तबतक अलग रखा जाता है, जबतक वे भारी जुर्माना नहीं भरते हैं.
उइगर मुस्लिम महिलाओं की जबरन नसबंदी करवा रही चीन सरकार: रिपोर्ट
यातना शिविर में 18 लाख मुसलमान
डॉ. एड्रिन जेंज ने लीक दस्तावेजों के आधार पर ये निष्कर्ष निकाला है कि चीन 18 लाख उइगर मुस्लिम की आबादी को यातनाकारी शिविरों में बंद कर रहा है. चीन ने दुनिया के सामने इन कैंपों का नाम 'रि एजुकेशन कैंप' रखा है.