चीन और ताइवान के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी तनाव और गहराता जा रहा है. तनाव के बीच ताइवान ने चीन पर जलडमरूमध्य की रेखा पार करने का आरोप लगाया है. ताइवान ने दावा किया है कि चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए के नौ एयरक्राफ्ट सीमा पार कर उसके वायु क्षेत्र में घुस आए. ताइवान ने कहा है कि जरूरी प्रतिक्रिया दी गई है.
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर बयान जारी किया है. ताइवानी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सुबह 6 बजे तक ताइवान के आसपास पीएलए के 11 विमान, पीएलए की नेवी के छह जहाज और एक अन्य चीनी जहाज एक्टिव पाए गए. ताइवानी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक पीएलए के 11 में से नौ विमान जलडमरूमध्य की रेड लाइन पार कर ताइवानी क्षेत्र में भी घुसे.
ताइवान का दावा है कि चीनी सेना के विमानों ने देश के उत्तरी और दक्षिणी पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में प्रवेश किया. स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जरूरी जवाब भी दिया गया है. ताइवान की ओर से यह दावा ऐसे समय में किया गया है, जब पिछले कुछ महीनों से चीन लगातार उसे डराने की कोशिशें कर रहा है. भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने भी हाल ही में ताइवान को लेकर सख्त रुख दोहराया था.
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भारत में चीनी राजदूत ने दावा किया था कि प्राचीन काल से ही ताइवान, चीन का का अंग रहा है. इतिहास और कानूनी तथ्य पूरी तरह स्पष्ट हैं और इस पर कोई विवाद नहीं है. पीआरसी सरकार को ताइवान समेत पूरे चीन पर संप्रभुता प्राप्त है. उन्होंने कहा था कि ताइवान गृह युद्ध और बाहरी ताकतों के हस्तक्षेप के कारण जलडमरूमध्य के दोनों किनारों के बीच राजनीतिक टकराव की स्थिति बना रहा है, लेकिन इसका चीन की संप्रभुता परर कोई असर नहीं पड़ा. ताइवान, चीन का अभिन्न अंग रहा है और हमेशा रहेगा.
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अमेरिकी रिपोर्ट में क्या
अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट के ड्राफ्ट में चीन-ताइवान संघर्ष की आशंका जताई गई है. अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि ताइवान पर चीन अगर समुद्री हमला करता है, तो उसके एक लाख सैनिक मारे जा सकते हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन ताइवान के किनमेन और मत्सू द्वीप पर कब्जा कर सकता है. यह रिपोर्ट जर्मन मार्श फंड ने जारी किया है.