इंडोनेशिया के बाली में गिरफ्तार अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने 'आज तक' से वतन लौटने की ख्वाहिश जाहिर की है. माफिया सरगना ने कहा कि वो भारत लौटना चाहता है. यही नहीं उसका यह भी कहना है कि उसने सरेंडर नहीं किया है.
बाली पुलिस की हिरासत के दौरान छोटा राजन ने आजतक से भारत लौटने की अपनी इच्छा तब जाहिर की है, जब इससे पहले और गिरफ्तारी के ठीक बाद खबर आई थी कि वह भारत नहीं आना चाहता. तब बताया गया कि उसने इंडोनेशियाई पुलिस ने अनुरोध किया है कि उसे जिम्बॉब्वे भेज दिया जाए.
Gangster Chhota Rajan in Bali (Indonesia) (28.10.15)
— ANI (@ANI_news)
दो साल पहले हुई है बाईपास सर्जरीदूसरी ओर, भारतीय अधिकारी इंटरपोल के साथ लगातार संपर्क में हैं. अधिकारियों को विदेश मंत्रालय के आदेश का इंतजार है ताकि वह मुंबई पुलिस के कुछ अधिकारियों के साथ फौरन बाली रवाना हो सके.
क्राइम ब्रांच के डीसीपी धनंजय कुलकर्णी के मुताबिक, छोटा राजन की गिरफ्तारी के बाद से ही केंद्र सरकार लगातार मुंबई पुलिस के संपर्क में है. केंद्र के अधिकारियों ने मुंबई पुलिस से छोटा राजन के बारे में एक डोजियर मांगा है. कुलकर्णी ने बताया कि मुंबई में छोटा राजन के खिलाफ 70 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. मुंबई पुलिस बहुत जल्द ही सारी जानकारी केंद्र सरकार को सौंप देगी. इसके बावजूद छोटा राजन के इंडोनेशिया से भारत प्रत्यर्पण में करीब महीने भर का वक्त लग सकता है.
कब और कैसे पकड़ा गया डॉन
मेजर रिनहर्ड के मुताबिक, रविवार यानी 25 अक्टूबर की दोपहर उन्हें इंटरपोल के जरिए ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस से एक पासपोर्ट नंबर मिला और कहा गया कि उस शख्स को जाए क्योंकि उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस है. मेजर ने बताया कि पासपोर्ट नंबर तो मिल गया, लेकिन उस किसी दूसरे शख्स का नाम लिखा, जबकि फोटो वही थी जो रेड कॉर्नर नोटिस में लगा था.
गौरतलब है कि डॉन की गिरफ्तारी के बाद कहा गया कि उसने भारत आने पर जान का खतरा बताया है. राजन ने बताया है कि उसके परिवार में कोई नहीं है और वह जिम्बॉब्वे में रह रहा है ऐसे में उसे वापस वहीं भेज दिया है. मेजर रिनहर्ड बाली में चीफ सीआईडी अफसर हैं. यही वो अधिकारी हैं, जिन्होंने अंडरवर्लड डॉन छोटा राजन को रविवार की दोपहर बाली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया था.
रिनहर्ड की शुरुआती पूछताछ में राजन ने कहा कि वह इंडिया नहीं जाना चाहता, क्योंकि वहां उसे अपनी जान का खतरा है. मेजर से उसने अपील की कि वो किसी तरह उसे बाली से जिम्बॉब्वे जाने में मदद कर दें.