प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक कारोबारी सम्मेलन में बैंकरों और पेंशन कोष प्रबंधकों से मुलाकात की. पीएम ने उन्हें भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया. पीएम ने कनाडाई कंपनियों के सीईओ से भी मुलाकात की.
Business before breakfast
PM meets bankers, pension fund managers & pitches for investments from Canada
— Syed Akbaruddin (@MEAIndia)
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने एक ट्वीट के जरिए कहा, 'नाश्ते से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंकरों और पेंशन कोष प्रबंधकों से मिले और उन्हें निवेश के लिए आमंत्रित किया.'
Demand to do business with India has gone up exponentially; India now on top of our list- Canadian investors to PM
— Syed Akbaruddin (@MEAIndia)
उन्होंने कहा, 'भारत के साथ कारोबार करने की मांग काफी बढ़ गई है. कनाडा के निवेशकों ने प्रधानमंत्री से कहा कि भारत अब उनकी सूची में शीर्ष पर है.'कनाडा मोदी की तीन देशों की यात्रा का आखिरी पड़ाव है. इस यात्रा में उन्होंने कई समझौते किए, जिसमें सबसे प्रमुख है बिजली उत्पादन के लिए यूरेनियम की आपूर्ति का समझौता. भारत के राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने एक बयान जारी कर कहा कि गुरुवार को उसने ओटावा में कनाडा के 12 शैक्षिक संस्थानों के साथ 13 सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें नौ कॉलेज शामिल हैं.
10 हजार भारतवंशियों को संबोधन
समझौते के तहत प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा. समझौते के तहत के प्रत्येक कॉलेज की एक भारतीय साझेदार के साथ जुगलबंदी की जाएगी, जो उड्डयन, स्वास्थ्य या कृषि जैसे क्षेत्रों में विशेष रूप से काम करते हों. मोदी बुधवार को ओटावा से टोरंटो पहुंचे, जहां उन्होंने 10 हजार भारतवंशियों को संबोधित किया.
भारतीय उद्योग संघ एसोचैम ने भारत और कनाडा को वैश्विक आर्थिक क्षेत्र में एक उज्जवल स्थान बताया और कहा कि मोदी की यह यात्रा द्विपक्षीय संबंध को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का एक अवसर है. चैंबर ने एक बयान जारी कर दिल्ली में कहा, 'भारत को शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस जैसे क्षेत्रों में कनाडा के साथ मजबूत साझेदारी बनानी चाहिए.'
-इनपुट IANS से