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PAK और दुनिया के 'दबाव' में बदला हिंदुस्तान: सरताज अजीज

अजीज ने इस्लामाबाद में 14-15 जनवरी को होने वाली भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की बैठक की जानकारी देते हुए चेताया है कि बैठक से अवास्तविक उम्मीद नहीं लगाई जानी चाहिए.

सरताज अजीज सरताज अजीज

भारत-पाकिस्तान के बीच दोस्ती और मिठास भरे रिश्तों की नई कवायद शुरू हो चुकी है. लेकिन जनवरी में दोनों मुल्कों के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता से पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के सलाहकार सरताज अजीज ने बयान दिया है कि भारत का रुख पाकिस्तान और दुनिया के दबाव के कारण बदला है.

अजीज ने इस्लामाबाद में 14-15 जनवरी को होने वाली भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों की बैठक की जानकारी देते हुए चेताया है कि बैठक से अवास्तविक उम्मीद नहीं लगाई जानी चाहिए. उन्होंने इस मीटिंग को पाकिस्तान की जीत के रूप में पेश किया और कहा कि पाकिस्तान के सकारात्मक रवैये और दुनिया के दवाब के कारण ही भारत ने अपना शत्रुतापूर्ण रवैया बदला है.

'बातचीत की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण'
अजीज ने बुधवार को संसद में 25 दिसंबर को पीएम नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान यात्रा पर पॉलिसी स्टेटमेंट जारी किया. उन्होंने कहा, 'दोनों देशों के विदेश सचिव 14-15 जनवरी को मिलेंगे और चिह्नित किए गए 10 मसलों पर अगले छह महीनों को लिए बातचीत का खाका तैयार करेंगे.' उन्होंने कहा कि बातचीत की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इसमें कई ऐसे मामले शामिल हैं, जिन पर मुश्किल और महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने हैं.

लाहौर की मुलाकात से रिश्तों में आई गर्माहट
उन्होंने चेताया कि बातचीत को लेकर अवास्तविक उम्मीदें नहीं पाली जानी चाहिए और कहा कि जल्द ही कुछ मुद्दों पर प्रगति होगी जबकि कुछ मसलों को सुलझाने में वक्त लगेगा. अजीज ने कहा कि पीएम मोदी के दौरे को भारत, पाकिस्तान और दुनिया के तमाम देशों के लोगों ने सराहा है. उन्होंने कहा, 'अब दोनों देशों के लीडर्स पांच बार मिल चुके हैं और लाहौर की मुलाकात से रिश्तों में जो गर्माहट आई है, उसका आगे की बातचीत पर काफी सकारात्मक असर पड़ेगा.'

दिया गया था 72 घंटे का वीजा
मोदी और उनके साथ 11 अन्य लोगों के बिना वीजा के पाकिस्तान पहुंचने की खबरों को खारिज करते हुए अजीज ने बताया कि सभी को 72 घंटे का वीजा दिया गया था. उन्होंने बताया कि इमिग्रेशन प्रोसेस भी नियम के मुताबिक फॉलो किया गया था. उन्होंने कहा कि पीएम के साथ विमान पर आए अन्य लोग एयरपोर्ट पर ही मौजूद थे.

काठमांडू ने नहीं हुई थी गुप्त मीटिंग
विपक्ष के नेता ऐतजाज अहसन के सवाल के जवाब में अजीज ने यह भी सफाई दी कि पिछले साल नवाज शरीफ और नरेंद्र मोदी के बीच काठमांडू में कोई गुप्त मीटिंग नहीं हुई थी. अजीज ने सदन में मौजूद कई सदस्यों के सवाल के जवाब में कहा, 'पाकिस्तान की रचनात्मक कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारतीय लॉबी की वजह से भारत ने अपना रुख बदला.'

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