बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना ने देश में होने वाले आगामी चुनाव से पहले बयान जारी कर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर निशाना साधा और मौजूदा स्थिति पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने इसे बांग्लादेश के इतिहास का सबसे काला दौर बताया है, जहां लोकतंत्र निर्वासित है और जनता जिंदा रहने के लिए जद्दोजहद कर रही है.
शेख हसीना ने शुक्रवार को बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर बयान जारी कर कहा, 'बांग्लादेश अब चरमपंथी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी घुसपैठियों के भयावह हमले से तबाह हो चुका है.'
जेल बना देश: हसीना
हसीना ने वर्तमान मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को खूनी फासीवादी गिरोह करार दिया है. उन्होंने कहा, 'पूरा देश एक विशाल जेल और फांसी का मैदान बन चुका है.'
उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश आपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है. आज पूरा देश खून से लथपथ एक भयावह परिदृश्य बन चुका है, जहां लोकतंत्र निर्वासन में है और लोग ध्यान भटकाने वाली परिस्थितियों के बीच जिंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
'खून से लथपथ है बांग्लादेश'
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने मौजूदा अंतरिम सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, 'एक खूनी... फांसीवादी गिरोह जो धन की लूट और सत्ता की लालसा से प्रेरित है, वह देश को खून से लथपथ कर रहा है.'
हसीना ने स्पष्ट किया कि ये स्थिति देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है, जहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है.
'मेरे खिलाफ रची गई साजिश'
उन्होंने कहा, 'मुझे सत्ता से हटाने के लिए जबरदस्ती साजिश रची और उस दिन से देश खूनी अराजकता में डूब गया है. आज हम जो बांग्लादेश देख रहे हैं, वह निर्वासित लोकतंत्र है.'
चुनावों पर उठाए सवाल
शेख हसीना ने आगामी 12 फरवरी को होने वाले चुनावों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर अवामी लीग पर प्रतिबंध जारी रहा तो इन चुनावों में वैधता का संकट पैदा हो जाएगा. उनके अनुसार, बिना प्रमुख विपक्षी दल की भागीदारी के चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकते और ये देश की लोकतांत्रिक छवि को और धूमिल करेगा.
हसीना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे बांग्लादेश की स्थिति पर ध्यान दें, जहां मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले बढ़ रहे हैं.