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अरुणाचल प्रदेश के 'विवादित क्षेत्र' पर भारत शांति बहाली के लिए उठाए कदमः चीन

चीन ने अरुणाचल प्रदेश में 54 नई सीमावर्ती चौकियों का निर्माण करने की भारत की योजना पर गुरुवार को चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारत को हालात को पेचीदा नहीं बनाना चाहिए और शांति बनाए रखने के लिए अधिक कदम उठाने चाहिए क्योंकि यह विवादित क्षेत्र है.

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चीन ने अरुणाचल प्रदेश में 54 नई सीमावर्ती चौकियों का निर्माण करने की भारत की योजना पर गुरुवार को चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारत को हालात को पेचीदा नहीं बनाना चाहिए और शांति बनाए रखने के लिए अधिक कदम उठाने चाहिए क्योंकि यह विवादित क्षेत्र है. भारत वियतनाम की दोस्ती से बौखलाया चीन...

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता यांग युजिन से अरुणाचल प्रदेश की सीमा के साथ साथ 54 नयी सीमावर्ती चौकियों के निर्माण की गृह मंत्रालय की घोषित योजना के बारे में सवाल किया गया था. उन्होंने कहा, ‘हमने रिपोर्ट का संज्ञान लिया है. चीन-भारत की पूर्वी सीमा पर विवाद अभी भी है.’

उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि भारत हालात को जटिल बनाने वाले कदम उठाने की बजाय सीमावर्ती इलाकों में स्थिरता और शांति बरकरार रखने में मदद का प्रयास करेगा.’ यांग के मासिक संवाददाता सम्मेलन पर सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अपनी रिपोर्ट में अरुणाचल प्रदेश का उल्लेख नहीं किया और दक्षिण तिब्बत के तौर पर इसका हवाला दिया है. चीन अरुणाचल को दक्षिणी तिब्बत बताता है.

इस सवाल पर कि चीन, सीमा के आसपास लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए भारत के ढांचागत विकास पर क्यों चिंतित है जबकि चीन ने अपनी ओर काफी विकास कार्य किए हैं , यांग ने कहा, ‘मैं समझता हूं कि जिन सड़कों की आप बात कर रहे हैं वे चीन-भारत के पूर्वी भाग में हैं जो अभी भी विवादित क्षेत्र है.’

उन्होंने कहा, ‘इस क्षेत्र में विवाद पर चीन की स्थिति स्पष्ट और सतत है.’ चीन अरुणाचल प्रदेश पर दक्षिणी तिब्बत के रूप में दावा करता है. यांग ने कहा, ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की दोनों पक्षों के बीच बनी सर्वसम्मति महत्वपूर्ण है.’

भारत सरकार ने पिछले सप्ताह ऐलान किया था कि वह 54 नयी सीमावर्ती चौकियों की स्थापना करेगा और अरुणाचल प्रदेश में सीमा के आसपास ढांचागत विकास को बढ़ाने के लिए 175 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा भी की गई थी. अरुणाचल प्रदेश में सीमावर्ती चौकियों और सड़क नेटवर्क पर यांग की टिप्पणी चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा पहले जताए गए विचारों के अनुरूप ही है.

इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने पूर्व में कहा था कि सीमा के सवाल का अंतिम समाधान लंबित होने तक, हम उम्मीद करते हैं कि भारतीय पक्ष ऐसी कोई कार्रवाई करने से बचेगा जो सवाल को पेचीदा बनाती हो.

इनपुटः भाषा से

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