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काबुल से ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान पहुंचीं 46 फ्लाइट्स, इनमें ज्यादातर यात्री एयरपोर्ट स्टाफ के

रविवार को काबुल एयरपोर्ट से 18 यात्री उड़ानें ताजिकिस्तान और 28 फ्लाइटें उज्बेकिस्तान पहुंचीं. टोलो न्यूज के मुताबिक, इन उड़ानों में ज्यादातर यात्री एयरपोर्ट कर्मचारी थे. इन यात्रियों का ताजिकिस्तान में अफगान राजदूत जहीर अघबर ने स्वागत किया.

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काबुल एयरपोर्ट पर हजारों लोग हुए इकट्ठा (फोटो- एएफपी) काबुल एयरपोर्ट पर हजारों लोग हुए इकट्ठा (फोटो- एएफपी)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • काबुल एयरपोर्ट पर बेकाबूू हुए हालात
  • हजारों की संख्या में लोग देश छोड़ना चाह रहे

अफगानिस्तान को तालिबान ने पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया है. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भी देश छोड़ दिया. ऐसे में तालिबान के राज की वापसी के डर से अफगानिस्तान के हजारों लोग दूसरे देशों में भागकर शरण लेने की कोशिश में जुट गए हैं. लोग काबुल एयरपोर्ट की तरफ भाग रहे हैं. एयरपोर्ट पर हजारों की भीड़ जमा है. ऐसे में उड़ानों को भी बंद कर दिया गया है. 

इससे पहले रविवार को काबुल एयरपोर्ट से 18 यात्री उड़ानें ताजिकिस्तान और 28 फ्लाइटें उज्बेकिस्तान पहुंचीं. टोलो न्यूज के मुताबिक, इन उड़ानों में ज्यादातर यात्री एयरपोर्ट कर्मचारी थे. इन यात्रियों का ताजिकिस्तान में अफगान राजदूत जहीर अघबर ने स्वागत किया. 

ताजिकिस्तान में राष्ट्रपति गनी को नहीं मिली पनाह
उधर, अफगानिस्तान छोड़कर निकले राष्ट्रपति अशरफ गनी को ताजिकिस्तान में पनाह नहीं मिली है. बताया जा रहा है कि वे अमेरिका जा सकते हैं. पहले जानकारी थी कि अशरफ गनी ताजिकिस्तान पहुंच गए हैं, लेकिन वहां पर बीते दिन उनकी फ्लाइट लैंड नहीं हो सकी. ऐसे में अभी अशरफ गनी ओमान में हैं. अशरफ गनी के अलावा अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहिब भी ओमान में ही हैं. 

दोनों के विमान को रविवार को ताजिकिस्तान में लैंड करने की इजाजत नहीं मिल पाई थी, ऐसे में उन्होंने ओमान में रुकने का फैसला लिया था. अब अशरफ गनी यहां से अमेरिका जा सकते हैं. बता दें कि अशरफ गनी ने फेसबुक पर एक संदेश जारी करते हुए कहा था कि अफगानिस्तान में मुश्किल स्थिति पैदा हो गई है, खून-खराबे को रोकने के लिए उन्हें अफगानिस्तान छोड़ना पड़ा है.

 

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