भारत में बसंत ऋतु में मनाए जाने वाले होली के त्योहार से प्रेरित होकर स्पेन में भी यह त्योहार मनाया जाता है. भारत में जहां यह त्योहार फरवरी-मार्च में मनाया जाता है, वहीं स्पेन में यह त्योहार अगस्त के इन दिनों में मनाया जाता है.
स्पेन में मेडिरिड की सड़कों पर उतरकर हजारों लोगों ने इस त्योहार का लुत्फ उठाया.
स्पेन में मनाई जा रही होली के रंग में रंगा एक व्यक्ति.
इनके चेहरे पर रंगों को देखकर ये अंदाजा तो लगाया ही जा सकता है कि इस हसीना ने भी जमकर होली खेली.
होली के रंग में रंगी हसीना के चेहरे की स्माइल तो देखें.
टमाटीनो फेस्टिवल की तरह होली भी स्पेन में खूब प्रचलित होने लगी है.
रंग-गुलाल और पिचकारी के साथ युवाओं ने जमकर होली का लुत्फ उठाया.
होली के रंग में सराबोर हो गया पूरा मेड्रिड शहर.
लगता है स्पेन की सड़कों पर हजारों लोग ‘लेट्स प्ले होली’ गा रहे हैं.
स्पेन में होली मनाने के लिए सड़कों पर हजारों लोग निकले तो नजारा देखने लायक था.
‘होली के दिन दिल मिल जाते हैं, रंगों में रंग मिल जाते हैं.’ लगता है ये लोग इसी होली गीत पर झूम रहे हैं.
‘अंग से अंग लगाना, सजन मोहे ऐसे रंग लगाना.’ ये गाना भी स्पेन में किसी के जेहन में जरूर आया होगा.
‘होलिया में उड़े रे गुलाल’ गाना भारत में होली के दिन इतना सुनाई देता है तो स्पेन में क्यों ना गुलाल उड़े.
स्पेन में बच्चों से लेकर जवान और बूढ़ों तक, हर कोई होली के रंग में रंगा नजर आया.
होली में भांग का भी अपना ही मजा है. लगता है इन जनाब ने भांग ही चढ़ा ली है.
रंग-बिरंगे चेहरों ने स्पेन की सड़कों का नजारा ही बदल कर रख दिया.
होली का रंग ऐसा चढ़ा कि 'हो गई मैं बावरिया'.
‘गोरे-गोरे चेहरे पे काला काला चश्मा’ और रंग में रंगी हसीना.
होली में दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं और दोस्तों की मस्ती देखने लायक होती है.
कंधे पर बैठकर होली का लुत्फ उठाते लोग
होली में मस्ती का एक रंग ये भी है.
अपने चाहने वालों को गोद में उठाकर भी होली का लुत्फ लिया स्पेनवासियों ने.