पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के मोलंदी गांव में सोमवार को पुलिस ने एक खेत से लगभग 40 देसी बम बरामद किए हैं. यह वही इलाका है जहां पिछले सप्ताह कलिगंज विधानसभा उपचुनाव के वोटों की गिनती के दौरान हुए बम धमाके में 13 साल की लड़की तमन्ना खातून की दर्दनाक मौत हो गई थी.
पुलिस के अनुसार, गांव में तलाशी अभियान के दौरान एक बाल्टी में रखे गए देसी बम बरामद किए गए. हालांकि, इस बरामदगी के संबंध में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक तमन्ना की मौत के मामले में पुलिस ने पहले ही नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. बरामद बमों की संख्या और स्थान को देखते हुए माना जा रहा है कि गांव में बड़ी संख्या में अवैध विस्फोटक छिपाकर रखे गए थे.
तमन्ना की मां सबीना यास्मिन ने पहले ही मीडिया को दिए बयान में आरोप लगाया था कि बम एक राजनीतिक रैली के दौरान फेंके गए थे, जो सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की कथित जीत के जश्न में निकाली गई थी जबकि चुनाव परिणामों की औपचारिक घोषणा नहीं हुई थी. उन्होंने दावा किया था कि अगर मोलंदी गांव की ठीक से तलाशी ली जाए, तो भारी मात्रा में बम और हथियार मिल सकते हैं.
पुलिस द्वारा की गई यह बरामदगी सबीना के आरोपों को गंभीरता से लेने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है. वहीं, पूरे जिले में इस घटना को लेकर आक्रोश है. जिला मुख्यालय में तमन्ना की मौत और कोलकाता के एक कॉलेज में कानून की छात्रा के साथ गैंगरेप के विरोध में मशाल जुलूस भी निकाला गया.