पश्चिम बंगाल की कमान संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अधिकारियों के साथ ताबड़तोड़ बैठकें कर रहे हैं और अलग-अलग विभागों के कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद सभी विभागों के सचिवों के साथ एक अहम बैठक की. सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सचिवों को पारदर्शिता के साथ काम करने और स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की खुली छूट दी. उन्होंने अधिकारियों से 'जी हुजूरी' न करने और जनता के हित में जरूरी निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं.
इससे पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार सुबह अपनी पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता भी की, जिसमें छह बड़े फैसले लिए गए. बैठक के बाद उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सुशासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार की नई यात्रा शुरू हो चुकी है और राज्य को विकास के उसी रास्ते पर आगे बढ़ाया जाएगा, जिस मॉडल पर देश के अन्य बीजेपी शासित राज्य काम कर रहे हैं. उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों और 'जनता के लिए, जनता द्वारा, जनता की सरकार' के सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
शुभेंदु कैबिनेट ने लिए 6 बड़े फैसले
मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार टीएमसी शासन के दौरान राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वाले 321 भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और इसलिए उन सभी परिवारों की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाएगी. शुभेंदु कैबिनेट ने बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए बीएसएफ को लैंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है. मुख्य सचिव और भूमि एवं भूमि सुधार विभाग को 45 दिनों के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया गया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीएम मोदी के 'Fear Out, Trust In' संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि नई सरकार राज्य में सुरक्षा, विश्वास और विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
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राज्य सरकार ने केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को लागू करने का भी फैसला किया. इसके लिए स्वास्थ्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय के सलाहकारों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ जल्द जरूरी दस्तावेजी कामकाज पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना, पीएम श्री, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं को भी राज्य में लागू करने का फैसला मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. सभी जिला अधिकारियों को इन योजनाओं के तहत जनता से प्राप्त आवेदनों को तेजी से संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों तक भेजने के निर्देश दिए गए हैं.
IAS-IPS केंद्र की ट्रेनिंग में जा सकेंगे
साथ ही प्रशासनिक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बंगाल सरकार ने राज्य के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने की अनुमति दे दी है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार के दौरान इन अधिकारियों को केंद्र के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होने की अनुमति नहीं थी. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पिछली सरकार ने संविधान का उल्लंघन करते हुए राज्य में भारतीय न्याय संहिता (BNS) को लागू नहीं किया था और आईपीसी (IPC) के तहत ही काम हो रहा था.
शुभेंदु कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन की अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है ताकि अधिक युवाओं को अवसर मिल सके. इसके अलावा राज्य सरकार ने केंद्री गृह मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में भी जनगणना प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने गृह मंत्रालय के 16 जून 2025 के निर्देश पर कार्रवाई नहीं की थी और फाइल दबाकर रखी थी. उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व वाली सरकार अहंकार से नहीं बल्कि सिद्धांतों के आधार पर काम करेगी.