पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस संक्रमण के चलते एक 25 साल की महिला नर्स की मौत हो गई है. यह राज्य में हाल के समय में निपाह वायरस से संबंधित पहली मौत बताई जा रही है. पिछले महीने जवनरी में सामने आए दो निपाह संक्रमण के केस में से एक इसी नर्स से जुड़ा था.
दोनों संक्रमित नर्सिंग स्टाफ नॉर्थ 24 परगना जिले के बारासात के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थे. इनमें एक पुरुष नर्स और एक महिला नर्स शामिल थीं. पुरुष नर्स ने इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर जनवरी में अस्पताल से छुट्टी ले ली. लेकिन महिला नर्स की स्थिति गंभीर बनी रही. उन्हें कई दिनों तक इंटेंसिव मेडिकल केयर (ICU) में रखा गया और बाद में उनकी स्थिति बिगड़ने पर उन्हें सीसीयू में शिफ्ट कर दिया गया. डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी करती रही.
हालांकि महिला नर्स की निपाह रिपोर्ट बाद में निगेटिव आई, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया. उनकी स्थिति इतनी कॉम्पलेक्स हो गई कि उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इलाज के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ और दोपहर करीब चार बजे उन्होंने दम तोड़ दिया.
यह भी पढ़ें: क्या T20 वर्ल्ड कप पर मंडरा रहा निपाह वायरस का खतरा? BCCI ने बताई हकीकत
स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि 11 जनवरी को रिपोर्ट हुए दो मामलों में से एक नर्स की मृत्यु हो गई है. यह घटना निपाह वायरस की गंभीरता को साफ़ तौर से दिखाती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि निपाह वायरस की मृत्यु दर लगभग 75 प्रतिशत तक होती है, जो इसे एक बेहद ही घातक संक्रमण बनाता है.
हेल्थ मिनिस्ट्री के सूत्रों के अनुसार, महिला की मौत की पीछे की वजह एकमात्र निपाह वायरस नहीं है. लेकिन, निपाह की वजह से ही उसकी कॉम्प्लीकेशंस हुईं, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई.
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की निगरानी तथा सावधानी बरतने पर ख़ासतौर पर जोर दिया जा रहा है. संबंधित विभाग स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो.