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लव मैरिज, मनचाहा प्यार, सेक्सुअल प्रॉब्लम... ट्रेन के टॉयलेट में पोस्टर चिपकाने वाला 'बंगाली बाबा' गिरफ्तार

मध्य रेल और पश्चिम रेलवे की आरपीएफ ने संयुक्त अभियान में खुद को ‘बंगाली बाबा’ बताने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो रेलवे डिब्बों और परिसरों में मनचाहा प्यार, लव मैरिज और सेक्सुअल समस्याएं दूर करने के दावे वाले पोस्टर चिपका रहा था. उसके पास से 15,000 पोस्टर बरामद हुए. बिना अनुमति व्यवसाय करने पर केस दर्ज हुआ है. सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है. रेलवे ने अनधिकृत विज्ञापन से बचने की अपील की है.

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बंगाली बाबा अपने पोस्टर में कई तरह की समस्याओं के सामाधान का दावा करता है. Photo ITG
बंगाली बाबा अपने पोस्टर में कई तरह की समस्याओं के सामाधान का दावा करता है. Photo ITG

मध्य रेल और पश्चिम रेलवे की आरपीएफ टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रेलवे डिब्बों, ट्रेन के टॉयलेट और परिसरों में अवैध रूप से प्रचार सामग्री चिपकाने के आरोप में खुद को 'बंगाली बाबा' बताने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई 17 फरवरी 2026 को मध्य रेल के मुंबई मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के मार्गदर्शन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई. बंगाली बाबा से जब्त पोस्टर में मनचाहा प्यार, लव मैरिज, सेक्सुअल प्रॉब्लम से जुड़े कई समस्याओं को ठीक करने का दावा किया गया है.

ऐसे हुई 'बंगाली बाबा' की गिरफ्तारी
आरपीएफ को विश्वसनीय मुखबिरों से सूचना मिली थी कि रे रोड क्षेत्र में एक फर्जी बाबा सक्रिय है, जो रेलवे संपत्ति का इस्तेमाल अपने प्रचार के लिए कर रहा है. सूचना के आधार पर रे रोड स्थित दारुखाना इलाके में मीरा अली दरगाह पर संयुक्त छापेमारी की गई. छापे के दौरान मोहम्मद नज़ीर अंदाड़ी नामक व्यक्ति को पकड़ा गया. तलाशी में उसके पास से करीब 15,000 मुद्रित पोस्टर बरामद किए गए, जिनका उपयोग रेलवे डिब्बों और परिसरों में विज्ञापन और प्रचार के लिए किया जाना था.

बिना रेलवे की अनुमति के कर रहा था बिजनेस
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने रेलवे अधिकारियों से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली थी और वह व्यावसायिक गतिविधियां चला रहा था. उसने यह भी माना कि रेलवे परिसर, जिसमें ट्रेन के डिब्बे भी शामिल हैं, का उपयोग प्रचार के लिए किया गया.

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कुछ अन्य लोग थे साथ
मामले में वडाला में मध्य रेल संख्या 104/2026 के तहत धारा 144, 145(बी), 147 और 166 के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है. आगे की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को कुछ अन्य लोगों का सहयोग मिला था, जिन्होंने पोस्टर छापने और उन्हें डिब्बों के अंदर चिपकाने में मदद की. इन सहयोगियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है.

आरपीएफ प्रिंटिंग एजेंसी और पोस्टर चिपकाने में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी विस्तार से जांच कर रही है. मध्य रेल ने दोहराया है कि बिना अनुमति विज्ञापन करना, रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या उसका दुरुपयोग करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है. ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी.

रेलवे की अपील
रेल प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि ट्रेन के अंदर या बाहर तथा रेलवे परिसर में अनधिकृत पोस्टर या नोटिस न चिपकाएं. विज्ञापन से संबंधित अनुमति के लिए इच्छुक लोग मध्य रेल के वाणिज्य विभाग से संपर्क कर सकते हैं.

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