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झारखंड में प्रवासी मजदूर की संदिग्ध मौत से उबाल, बंगाल में NH-12 और रेलवे ट्रैक जाम

झारखंड में काम कर रहे पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर अलई शेख की संदिग्ध मौत के बाद मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में भारी बवाल हो गया. शव गांव पहुंचते ही लोगों ने नेशनल हाईवे-12 और रेलवे ट्रैक जाम कर दिए. परिजनों ने आत्महत्या से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की.

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परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप(Photo: Screengrab)
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप(Photo: Screengrab)

झारखंड में काम कर रहे पश्चिम बंगाल के एक प्रवासी मजदूर की रहस्यमय मौत के बाद मुर्शिदाबाद के बेलडांगा इलाके में भारी तनाव फैल गया. जैसे ही मृतक का शव उसके गांव लाया गया, गुस्साए लोगों ने सड़क और रेल मार्ग जाम कर दिया. हालात इतने बिगड़ गए कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

मृतक की पहचान 30 वर्षीय अलई शेख के रूप में हुई है, जो बेलडांगा के सुजापुर कुमारपुर ग्राम पंचायत का रहने वाला था. वह अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए झारखंड में फेरी लगाकर सामान बेचने का काम करता था. गुरुवार को उसका शव एक कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला.

यह भी पढ़ें: मुर्शिदाबाद: हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद गिरफ्तार, मुर्शिदाबाद में PSO से की थी मारपीट

परिजनों ने आत्महत्या से किया इनकार

शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आई कि शव झारखंड में मिला, हालांकि परिजनों का कहना है कि शव सीमावर्ती इलाके के पास बरामद हुआ. परिवार और ग्रामीणों ने आत्महत्या की थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उनका आरोप है कि अलई शेख के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसकी हत्या की गई.

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परिजनों का दावा है कि अलई की हत्या सिर्फ इसलिए की गई क्योंकि वह बंगाल का रहने वाला था. हत्या के बाद मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया गया. परिवार ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है.

शव पहुंचते ही भड़का आक्रोश

शव गांव पहुंचते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. सैकड़ों की संख्या में लोगों ने नेशनल हाईवे-12 को जाम कर दिया, जो कोलकाता को उत्तर बंगाल से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है. इससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया.

इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक भी जाम कर दिया. इसके चलते लालगोला–सियालदह रेल खंड पर ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

हालात तनावपूर्ण, पुलिस तैनात

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया. जाम हटाने और हालात सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन क्षेत्र में अब भी तनाव बना हुआ है.

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है. वहीं, परिजन और ग्रामीण तब तक आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं, जब तक उन्हें न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा नहीं मिलता.

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