पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और आसनसोल दक्षिण से लगातार दूसरी बार विधायक चुनी गईं अग्निमित्रा पाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र के मोहिशिला इलाके में आयोजित धन्यवाद रैली में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने राज्य की पूर्व टीएमसी सरकार, भ्रष्टाचार, फर्जी दस्तावेज मामले और विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला.
मीडिया से बातचीत के दौरान अग्निमित्रा पॉल ने 'मां कैंटीन' में मछली-भात पर उठे विवाद को लेकर कहा कि बीजेपी सरकार किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले की सरकार भी 'मां कैंटीन' चलाती थी और अब बीजेपी सरकार भी वहां मछली-भात उपलब्ध कराएगी. उन्होंने कहा कि जो लोग यह प्रचार कर रहे थे कि बीजेपी आने के बाद मछली और चिकन बंद हो जाएगा, उन्हें अब जवाब मिल गया है. उन्होंने कहा कि 'मां कैंटीन' सभी धर्मों और सभी वर्गों के लोगों के लिए है.
TMC ऑफिस में रेड और फर्जी दस्तावेजों पर हमला
कोलकाता के साल्ट लेक स्थित TMC कार्यालय में कथित छापेमारी और आधार कार्ड व जमीन से जुड़े दस्तावेज मिलने के सवाल पर अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ''सबका खाता खोला जा रहा है.''
उन्होंने आरोप लगाया कि TMC के कई नेताओं और मंत्रियों ने लोगों को धोखा देकर फर्जी आधार कार्ड, जॉब कार्ड, पैन कार्ड और वोटर कार्ड बनवाए. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी और “सबका हिसाब होगा.”
'पुष्पा झुकेगा नहीं' पर भी दिया जवाब
पलता विधानसभा और ‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ वाले सवाल पर अग्निमित्रा पॉल ने बिना नाम लिए विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कई नेता अब 'चूहे के बिल में घुस गए हैं' और आगामी चुनाव में जनता भाजपा और मोदी सरकार के समर्थन में जवाब देगी.
उन्होंने कहा कि फिल्मी डायलॉग सिनेमा में अच्छे लगते हैं, लेकिन असली राजनीति में जनता फैसला करती है.
'फाइल चोर' गाने पर डांस वायरल
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हुए 'फाइल चोर' गाने पर डांस को लेकर पूछे गए सवाल पर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अभी लोग गाने पर नाच रहे हैं, लेकिन आगे 'फाइल चोर को ठिकाने' भी लगाया जाएगा. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी. उनके मुताबिक जनता के साथ विश्वासघात का हिसाब जनता चुनाव में देगी.
पेट्रोल कीमतों पर क्या बोलीं?
पेट्रोल और ईंधन की बढ़ती कीमतों पर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण लोगों को कुछ समय तक एडजस्ट करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने काफिले को छोटा किया है और लोगों से सप्ताह में कम से कम दो-तीन दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील की है. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर होगी.
जनता पहली प्राथमिकता
पब्लिक ट्रांसपोर्ट और आम लोगों की परेशानियों पर अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि जनता को किसी तरह की असुविधा हो. उन्होंने कहा कि सड़क जाम, तेज माइक और ऐसे कार्यक्रम जिनसे आम लोगों को परेशानी हो, उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उनके मुताबिक जनता सरकार की 'फर्स्ट प्रायोरिटी' है.
पिछले तीन दिनों से अग्निमित्रा पॉल अपने विधानसभा क्षेत्र में लगातार धन्यवाद रैलियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों में हिस्सा ले रही हैं. लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है.
'भारत माता को मां नहीं मानने वालों को देश में रहने का हक नहीं'
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने वंदे मातरम् विवाद और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदानी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी.
दरअसल, जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से वंदे मातरम् को विवादित गीत बताते हुए इसे अनिवार्य किए जाने के खिलाफ अदालत जाने की बात कही गई थी. इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि भारत देश सभी नागरिकों के लिए 'मां' के समान है और जो लोग भारत माता को मां मानने में झिझकते हैं, उन्हें इस देश में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए.
अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ''आज भारत को हम लोग मां मानते हैं. जिस मिट्टी ने हमें पाला-पोसा, उसे भी हम मां मानते हैं. जो लोग भारत को मां कहने में झिझकते हैं और अदालत जाते हैं, उनको इस देश में रहने का कोई हक नहीं है. अगर भारत में रहना है तो भारत माता का सम्मान करना होगा.''
उन्होंने आगे कहा कि भारत सभी धर्मों के लोगों का देश है और यहां रहने वाले हर नागरिक को भारतीय कानून का पालन करना होगा.
मुसलमानों को निशाना बनाए जाने और धार्मिक ध्रुवीकरण के आरोपों पर भाजपा नेता ने कहा कि किसी विशेष धर्म को टारगेट नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता में जो नियम लिखे हैं, वो सभी के लिए समान हैं. चाहे हिंदू हों, मुसलमान हों, सिख हों, बंगाली हों या बिहारी. अगर भारत में रहना है, बंगाल में रहना है, तो भारतीय कानून मानकर चलना होगा. अगर नियम नहीं मानना है तो भारत के बाहर जाना होगा.
बता दें कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद की कार्यसमिति की बैठक में अरशद मदानी ने भाजपा शासित राज्यों में धार्मिक ध्रुवीकरण और मुसलमानों को निशाना बनाने की राजनीति का आरोप लगाया था. इसके साथ ही उन्होंने समान नागरिक संहिता और 'वंदे मातरम्' को लेकर भी आपत्ति जताई थी.