उत्तर प्रदेश में SIR से 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम दर्ज किए गए हैं. माना जा रहा है कि इनमें भाजपा के मतदाता अधिक मात्रा में हैं. इस स्थिति को लेकर बीजेपी के शीर्ष नेता चिंतित हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीर रूप में न लेने की बात कही है. प्रदेश बीजेपी हाईकमान ने भाजपा के वोट बढ़ाने के लिए एक रणनीति तैयार की है ताकि आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके. इस रणनीति का उद्देश्य भाजपा की पकड़ को मजबूत करना और विपक्षी ताकतों को रोकना है. इस मुकाबले में पार्टी नेतृत्व सक्रिय रूप से काम कर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज की जा रही हैं. उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह कदम खास महत्व रखता है क्योंकि यहां होने वाले चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर असर डाल सकते हैं.