उत्तर प्रदेश में 72 हजार शिक्षक पद खाली थे जिन पर भर्ती को लेकर विवाद हुआ था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश दिया है कि सभी खाली पद जल्द से जल्द भरे जाएं. नौ साल से रुकी भर्ती प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट ने पुनः शुरू करने का निर्देश दिया है. शिक्षक अभ्यर्थियों के वकील पुष्कर शर्मा ने इस फैसले के महत्व और प्रक्रिया पर विस्तार से बताया है. यह निर्णय प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.