देवरिया के सामूहिक नरसंहार मामले में मृतक प्रेमचंद यादव को घटना के पहले किसी के द्वारा फोन कर बुलाए जाने के दावे लगातार उनकी पत्नी व बेटियां कर रही हैं. लेकिन अब ये दावा निराधार साबित हो गया है. क्योंकि पुलिस विवेचना में पता चला है कि 1 अक्टूबर की देर रात से 2 अक्टूबर की सुबह तक प्रेमचंद के मोबाइल पर किसी का फोन नही आया था.