देश के सभी स्कूलों और मदरसों में वंदे मातरम् गाना जरूरी करने वाले सरकारी ऑर्डर पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस आदेश पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसा है. अखिलेश ने कहा कि सीएम योगी अपने लोगों से पूछ लें कि उन्होंने वंदे मातरम् कब गाया था. अखिलेश ने कहा, 'इन्होंने वंदे मातरम् आजादी के पहले गाया था, मुख्यमंत्री बिष्ट जी अपने लोगों से तो पूछ लें कि उनके अनरजिस्टर्ड संघी साथियों ने कब वंदे मातरम् गाया था, जब वो मुखबिरी में व्यस्त थे.'
योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम् का किया समर्थन
सोमवार को विधान परिषद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने 'वंदे मातरम्' को अनिवार्य करने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम्' देश की आन, बान और शान का प्रतीक है. राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, राष्ट्रनायकों और तिरंगे का अपमान करना संविधान का अनादर करने जैसा है.
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कुछ सदस्य 'वंदे मातरम्' का अपमान कर रहे हैं, जो संविधान और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का भी अपमान है. उन्होंने कहा कि सपा राम मंदिर और काशी विश्वनाथ जैसे मुद्दों का विरोध करती रही है.
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा गाजी मेले का समर्थन करती है, जबकि गाजी को भारत के हिंदू राजाओं ने पराजित किया था. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर स्मारक का निर्माण कराया है, ताकि इतिहास के वीर नायकों को सम्मान मिल सके.