उत्तर प्रदेश के संभल जिले के असमोली क्षेत्र की रहने वाली 31 वर्षीय अमीना ने मुरादाबाद के महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) अस्पताल में पांच दिनों के भीतर चार बच्चों को जन्म दिया. उन्होंने 9 मई से 14 मई के बीच दो बेटों और दो बेटियों को पूरी तरह सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) के जरिए दुनिया में लाया. आमतौर पर ऐसे बेहद जटिल मामलों में डॉक्टर सिजेरियन ऑपरेशन का ही रास्ता चुनते हैं, लेकिन यहां डॉक्टरों ने सूझबूझ से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को संभाला. गर्भ में चार भ्रूण होने के कारण डॉक्टरों ने शुरुआत में फीटल रिडक्शन की सलाह दी थी, लेकिन परिवार के इंकार के बाद डॉक्टरों की टीम ने इस अद्भुत और चुनौतीपूर्ण केस को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.
9 मई को पहली किलकारी, 14 मई को तीन और
इस अनोखे प्रसव की कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है. अमीना को 8 मई को प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद 9 मई को उन्होंने अपने पहले बेटे को जन्म दिया, जिसका वजन 710 ग्राम था. इसके बाद डॉक्टरों ने स्थिति को संभालते हुए बाकी बच्चों की डिलीवरी रोक दी क्योंकि प्रेग्नेंसी साढ़े छह से सात महीने की थी. इसके बाद पांच दिनों तक सब शांत रहा, लेकिन 14 मई को अमीना को दोबारा दर्द हुआ और उन्होंने अस्पताल में एक बेटे और दो बेटियों को जन्म दिया.
जब डॉक्टरों ने डटकर संभाला सबसे जटिल केस
चिकित्सकों के मुताबिक, मेडिकल साइंस के लिहाज से यह केस किसी बड़ी अग्निपरीक्षा जैसा था. गर्भावस्था के दौरान अमीना को ब्लड प्रेशर और लीवर से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी थीं. सबसे अनोखी बात यह रही कि चारों बच्चे गर्भाशय के अंदर अलग-अलग सेपरेट सैक (थैली) में सुरक्षित पल रहे थे. डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, डॉ. पूर्ति, डॉ. रोली और डॉ. मोनिका की विशेषज्ञ टीम ने इस अत्यंत जोखिम भरे मामले में पल-पल की निगरानी रखी और बिना किसी ऑपरेशन के चारों बच्चों का सुरक्षित प्रसव कराया.
अस्पताल की बड़ी कामयाबी और परिवार में जश्न
किराना स्टोर संचालक और बच्चों के पिता मोहम्मद आलिम और उनकी बहन इमराना परवीन ने टीएमयू अस्पताल के डॉक्टरों का दिल से आभार जताया है. डॉक्टरों की मानें तो ऐसे केस में मां और बच्चों की जान पर हर वक्त खतरा मंडराता रहता है. अस्पताल प्रशासन ने इसे आधुनिक चिकित्सा प्रबंधन, समर्पित उपचार और बेहतरीन टीमवर्क की एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है. फिलहाल मां और बच्चे डॉक्टरों की विशेष निगरानी में हैं और उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है.