यूपी के बिजनौर जिले में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने वाली 'कातिल' पत्नी को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. जैसे ही जज ने सजा का ऐलान किया दोषी पत्नी रोने लगी. मामला डेढ़ दशक से भी ज्यादा पुराना है. महिला ने पति की हत्या करने के बाद उसके शव को घर में ही दफना दिया था.
दरअसल, 17 साल पहले प्रेमी से अवैध संबंधों के चलते सोनी ने अपने पति तेजपाल की हत्या कर लाश को घर के गड्ढे में दबाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया था. इस मामले में अब अपर जिला जज ने सोनी को दोषी पाया है. जज ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही 7 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
एडीजीसी प्रमोद शर्मा के अनुसार, स्योहारा थाना क्षेत्र के रवाना शिकारपुर की रहने वाली भगवानदेई (पत्नी ध्यान सिंह) ने 14 मई 2007 को एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उसने बताया था कि उसके भाई तेजपाल सिंह सैनी की पत्नी सोनी के गांव के ही गीतू उर्फ गीताराम से कई वर्षों से अनैतिक संबंध हैं. सोनी को प्रेम जाल में फंसाकर उसका प्रेमी तेजपाल की संपत्ति हड़पना चाहता था.
इस बीच भगवानदेई को भाई तेजपाल के गायब होने की खबर मिली. जिसपर उसका शक और गहरा गया. उसे यकीन था कि गीतू उर्फ गीताराम और सोनी ने तेजपाल की हत्या की है. साथ ही सबूत मिटाने के लिए उसके शव को मकान के अंदर गड्ढा खोदकर दबा दिया है.
इस सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की, सोनी से भी कड़ाई से पूछताछ की. जिसपर सोनी ने गीतू उर्फ गीताराम से अनैतिक संबंधों के कारण पति तेजपाल सैनी की हत्या करने की बात कुबूल ली. फिर पुलिस ने गड्ढे से शव निकलवा कर उसका पोस्टमार्टम कराया.
पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गई थी 'कातिल' पत्नी
मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. लेकिन सोनी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गई थी. हालांकि, कुछ समय बाद पुलिस ने उसे फिर गिरफ्तार कर लिया था. अब बिजनौर कोर्ट ने सोनी को अपने पति की हत्या का दोषी पाते हुए उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है. जबकि, उसके प्रेमी गीतू और उसके साथी हरिश्चंद्र को पहले ही आजीवन कारावास की सजाई सुनाई जा चुकी है. दरअसल, सोनी के फरार होने के कारण उसकी फाइल अलग कर दी गई थी और उसका मुकदमा अलग से सुना गया.