उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को BSP सुप्रीमो मायावती को उनके जन्मदिन पर बधाई दी. इस दौरान सपा प्रमुख ने उम्मीद जताई कि मायावती आने वाले दिनों में "संविधान विरोधी" BJP को चुनौती देती रहेंगी. वहीं, मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सपा, बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए सत्ता में वापसी की हुंकार भरी.
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पोस्ट में लिखा- "उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं." उन्होंने आगे कहा, "भगवान श्री राम आपको लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य दें."
अखिलेश यादव ने कहा, "आदरणीय मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं. उनके स्वस्थ, स्वतंत्र जीवन और सार्थक सक्रियता के लिए अनंत शुभकामनाएं." साथ ही उन्होंने ने कहा, " आपने (मायावती) अपने पूरे जीवन में शोषित, वंचित, पीड़ित, उपेक्षित और अपमानित समाज की गरिमा, सम्मान और अधिकारों के लिए प्रभावशाली ताकतों के खिलाफ दिन-रात लगातार संघर्ष किया है, और जिस तरह से उन्होंने संविधान विरोधी BJP और उनके सहयोगियों और साथियों को चुनौती दी है, यह लगातार जारी रहे, इसी कामना के साथ, एक बार फिर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं."
मायावती का बयान
लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए BSP प्रमुख मायावती ने कहा, "पिछले कुछ सालों में कांग्रेस, BJP और दूसरी जाति-आधारित पार्टियां हमारी पार्टी के आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रच रही हैं. इसका करारा जवाब देना होगा ताकि पूरे देश में BSP को मजबूत किया जा सके और सबसे बड़े राज्य में इसे फिर से सत्ता में लाया जा सके.
बकौल मायावती- मैं उत्तर प्रदेश के लोगों को आगाह करना चाहती हूं कि शीतकालीन सत्र के दौरान, न सिर्फ BJP बल्कि SP और कांग्रेस के ब्राह्मण समुदाय के नेताओं ने भी मुलाकात की और अपने समुदाय की उपेक्षा पर चिंता जताई. हमारी सरकार के दौरान ही उन्हें उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व मिला था. उन्हें किसी भी पार्टी के जाल में नहीं फंसना चाहिए, न ही किसी से डरना चाहिए. वे सम्मान, रोजगार और सुरक्षा के हकदार हैं. BSP शासन के दौरान उनकी सभी आकांक्षाएं पूरी हुई थीं और जब हम सत्ता में वापस आएंगे तो उन्हें फिर से पूरा किया जाएगा."
सपा पर जमकर बरसीं
मायावती ने आगे कहा, "समाजवादी पार्टी के शासन के दौरान, गुंडों, माफियाओं और अपराधियों का राज था. दलितों का सबसे ज़्यादा शोषण हुआ. 2 जून, 1995 को लखनऊ गेस्ट हाउस में BSP ने SP के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद, हजारों सपाई गुंडों ने सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करके मुझे जान से मारने की कोशिश की. यह बात किसी से छिपी नहीं है. उनके शासन में, सिर्फ उनके अपने समुदाय को फायदा होता है, और मुसलमानों का भी शोषण होता है. उनके तथाकथित PDA का यही मतलब है."
आपको बता दें कि प्रदेश की चार बार की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती गुरुवार को 70 साल की हो गईं. पार्टी कार्यकर्ता पूरे राज्य में उनका जन्मदिन "जन कल्याणकारी दिवस" के रूप में मना रहे हैं. लखनऊ में बसपा कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा हुआ है. बड़ी संख्या में बसपाई मायावती का जन्मदिन मनाने राजधानी पहुंचे हैं.