
वाराणसी में एक घर से तीन बच्चों और उनकी मां का शव मिलने से हड़कंप मच गया. जबकि, परिवार का मुखिया यानी बच्चों का पिता वहां से गायब था. पुलिस अभी जांच में जुटी ही थी कि इतनी बड़ी वारदात के पीछे वजह क्या है और घर का मुखिया कहां गायब है, तभी पता चला कि आरोपी और शक के घेरे में आए परिवार के मुखिया राजेंद्र गुप्ता ने भी कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है.
उसने रोहनिया क्षेत्र में जहां उसकी कंस्ट्रक्शन साइट चल रही थी वहां गोली मारकर अपनी जान दे दी. पुलिस इस पूरी घटना के जड़ में पारिवारिक कलह को वजह बता रही है. हालांकि, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. आइए जानते हैं पूरी कहानी...
दरअसल, रोज की तरह वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के भदैनी इलाके का गुप्ता परिवार बीती रात चैन की नींद सो रहा था, लेकिन उन्हें क्या पता था कि अगली सुबह का सूरज वो नहीं देख भी पाएंगे. सुबह जैसे ही काम वाली घर पहुंची तो उसके होश फाख्ता हो गए. क्योंकि, घर में लाशें बिखरी पड़ी थीं. मृतकों की शिनाख्त राजेंद्र की पत्नी नीतू गुप्ता (42), बेटा नवनेंद्र (25) और सुबेंद्र (15), बेटी गौरांगी (16) के तौर पर हुई.
जिसके बाद तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल यानी दोनों ही फ्लोर के क्राइम सीन को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी. मौके पर खुद वाराणसी पुलिस कमिश्नर के अलावा जिले के सभी आला पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम भी पहुंची. घंटो जांच पड़ताल की गई, लेकिन सही मायने में यह नहीं पता चल सका कि आखिर इतनी बड़ी वारदात के पीछे वजह क्या थी? और कैसे घर के चार सदस्य काल के गाल में समा गए.

मौके से घर का मुखिया यानी नीतू गुप्ता का पति और तीनों बच्चों का पिता राजेंद्र गुप्ता गायब था. जिस मकान में वारदात हुई वह राजेंद्र का ही मकान था. जिसमें दर्जनों की संख्या में किराएदार भी रहते रहे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक दूसरे से मकान के कमरे सटे होने के बावजूद भी किसी को वारदात की भनक तक नहीं लगी.
आरोपी राजेंद्र गुप्ता के बारे में क्या पता चला?
राजेंद्र गुप्ता के पड़ोसियों और किराएदारों की माने तो राजेंद्र बहुत ही गुस्सैल प्रवृत्ति का व्यक्ति था. ज्यादा किसी से मतलब नहीं रखता था, लेकिन उसका परिवार मिलनसार परिवार था. पड़ोसियों ने यह भी बताया कि लगभग 20 साल पहले इसी राजेंद्र के ऊपर अपने पिता और चाचा की हत्या का भी आरोप लगा था और उसे जेल भी हुई थी, लेकिन वह जेल से छूटकर आ गया था.
गोली मारकर की गई थी परिवार की हत्या
गुप्ता परिवार के चार सदस्यों की गोली मारकर हत्या की गई थी. इस पूरी घटना के बारे में वाराणसी के काशी जोन के डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि गोली मारकर एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या की सूचना मिली जिससे मौके पर पहुंचा गया. राजेंद्र गुप्ता की मां ने बताया कि राजेंद्र और पत्नी का आपस में लंबे समय से विवाद चल रहा था. शायद रात में आकर राजेंद्र ने ही अपने परिवार की हत्या कर दी. इसके पहले वह करीब 1 साल से घर नहीं आया था.
पुलिस ने क्या बताया?
डीसीपी ने आगे बताया कि क्राइम सीन से किसी तरह का साइन ऑफ स्ट्रगल नहीं मिला है. इसीलिए राजेंद्र गुप्ता पर शक जा रहा है कि वह घर में आया और सभी को मारकर फरार हो गया. पारिवारिक विवाद के अलावा प्रॉपर्टी के डिस्प्यूट का भी पता लगाया जा रहा है. मर्डर वेपन के रूप में पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ है और फायरिंग करके सभी चार लोगों को मौत के घाट उतारा गया.

डीसीपी गौरव बंसवाल के मुताबिक, 1997 में राजेंद्र गुप्ता के ऊपर अपने पिता और एक गार्ड की हत्या का भी आरोप लग चुका है और फिलहाल वो जमानत पर बाहर आया था. राजेंद्र के वैध और अवैध पिस्तौल की भी जांच की जा रही है. वहीं, तंत्र-मंत्र के एंगल के सवाल के जवाब में डीसीपी ने बताया कि इस पर भी पड़ताल की जा रही है.
गौरतलब हो कि जब तक ये सब जांच-पड़ताल हो रही थी तभी जानकारी मिली कि राजेंद्र गुप्ता का शव वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र के अखिरी इलाके में पाया गया है. आशंका है कि उसने सुसाइड किया है. परिवार के चारों लोगों की हत्या के बाद राजेंद्र ने खुद को गोली से उड़ा लिया.