scorecardresearch
 

'मंत्री जनता से मिल उनकी समस्या हल करें, अपने प्रभार जिले का करें दौरा...', CM योगी का मिनिस्टर्स को निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को नए सिरे से जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है. मुख्यमंत्री व दोनों उप मुख्यमंत्रियों के पास 25-25 जिलों का प्रभार है. हर चार महीने पर इसका रोटेशन होगा. सीएम ने प्रभारी मंत्रियों को फील्ड में उतरने के लिए कहा है.

Advertisement
X
योगी आदित्यनाथ- फाइल फोटो
योगी आदित्यनाथ- फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को नए सिरे से जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है. मुख्यमंत्री व दोनों उप मुख्यमंत्रियों के पास 25-25 जिलों का प्रभार है. हर चार महीने पर इसका रोटेशन होगा. सीएम ने प्रभारी मंत्रियों को फील्ड में उतरने के लिए कहा है. उन्होंने कहा कि मंत्री जनता से मिलें, संवाद करें और जनसमस्याओं का समाधान कराएं. प्रभारी मंत्रियों को मिले दायित्वों के निर्वहन में मुख्यमंत्री सहित दोनों उप मुख्यमंत्री भी समन्वय और सहयोग करेंगे. हर प्रभारी मंत्री हर महीने अपने प्रभार के जिले में दौरा करेंगे. वे रात्रि विश्राम करेंगे और केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए तंत्र विकसित करेंगे.

मंत्रियों को जनपदीय प्रवास की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजना होगा. जिलों में प्रवास के दौरान हर वर्ग से संवाद करना होगा. मंत्रियों को विकास कार्यों का निरीक्षण करना जरूरी है. प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर स्वच्छता महाभियान का शुभारंभ होगा. जिलों में प्रभारी मंत्रियों की उपस्थिति होगी.

मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक में दोनों उप मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, राज्य मंत्रियों (स्व.प्र.), राज्य मंत्रियों को उनके नए प्रभारी जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. जिसमें मुख्यमंत्री ने स्वयं और अपने साथ दोनों उप मुख्यमंत्रियों को 25-25 जनपदों की समीक्षा हेतु जिम्मेदारी भी सौंपी है.

बैठक में मंत्रियों को दिए गए ये निर्देश

● आगामी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर स्वच्छता अभियान का शुभारंभ होना है. सभी प्रभारी मंत्री अपने-अपने प्रभार के जनपद में इस कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करेंगे.

Advertisement

● जिले के प्रभारी मंत्री के रूप में मंत्री प्रत्येक माह में कम से कम एक बार 24 घंटे के लिए अपने प्रभारी जनपद में प्रवास करेंगे.

● शासन से संबंधित मुद्दों को प्रभारी मंत्री कोर कमेटी से चर्चा करके प्रत्येक माह शासन में संबंधित विभाग व मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके प्रस्तुत करेंगे.

● जिले के सम्मानित प्रबुद्ध नागरिक, धर्माचार्यों, प्रगतिशील किसानों, व्यापारिक संगठनों सहित सामाजिक नेताओं के समूहों के साथ प्रत्येक प्रवास में किसी एक के साथ बैठक अवश्य होनी चाहिए.

● जिले की समीक्षा बैठक में जनशिकायतों को मेरिट के आधार पर निस्तारित किया जाना है. कानून व सुरक्षा संबंधी विषयों, राजस्व विभाग से जुड़े हुए विषयों को जैसे वरासत, पैमाइश, नामांतरण, लैण्ड यूज सहित IGRS, CM Helpline आदि की समीक्षा कर मेरिट के आधार पर निस्तारण कराया जाए. इसकी समीक्षा की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभाग को अनिवार्य रूप से भेजी जानी चाहिए.

● केंद्र और राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं, लोककल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय स्तर पर प्रवास के दौरान भौतिक सत्यापन भी होना चाहिए.

● निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों, ग्राम सचिवालय, क्रय केन्द्र, फेयर प्राइस शॉप, कृषि विज्ञान केन्द्र में से किसी एक का भौतिक निरीक्षण प्रवास के दौरान करना होगा.

Advertisement

● अटल आवासीय विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय, विद्यालय, राजकीय महाविद्यालयों, निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण, पॉलीटेक्निक/आईटीआई के संचालन की समीक्षा की जाए.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement