उत्तर प्रदेश के उन्नाव से एक सरकारी स्कूल के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. जहां स्कूल की छुट्टी के बाद शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया व एक बच्चे को क्लास में ही बंद करके चले गए. करीब 2 घंटे बाद जब गांव के बच्चे खेलते हुए स्कूल के पास पहुंचे तो उन्होंने क्लास में बच्चे की रोनी आवाज सुनी. वहीं, इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी, जिसके बाद सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने बच्चे को क्लास से बाहर निकाला.
गांव के बच्चे नहीं जाते तो बंद रही रहता बच्चा
यह पूरा मामला फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के भुल भुलियाखेड़ा गांव के कंपोजित विद्यालय का है. यहां के स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा एक के छात्र को स्कूल के शिक्षकों ने कमरे में ही ताला बंद कर दिया और अपने-अपने घर चले गए. इस बात की जानकारी ग्रामीणों को तब हुई, जब गांव के बच्चे खेलत- खेलते स्कूल के पास पहुंचे.
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बीएसए ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
स्कूल के पास पहुंचते ही बच्चों को कमरे से रोने की आवाज सुनाई देने लगी. जिसके बाद बच्चों ने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी. मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बंद कमरे से खिड़की से रोते हुए बच्चे को देखा. इस पर उन्होंने इसका एक वीडियो भी बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. इसके बाद उन्होंने बच्चे को बाहर निकाला.
इस घटना से ग्रामीणों में स्कूल के शिक्षकों के खिलाफ आक्रोश है. वहीं वीडियो वायरल होने के बाद बीएसए संगीता सिंह ने जांच कर लापरवाह शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही का आदेश दिया है.