राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में एक ट्यूशन टीचर ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करते हुए 13 वर्षीय नाबालिग दलित छात्रा के साथ दुष्कर्म किया. आरोपी शिक्षक वीर सिंह यादव ने पिछले 20 दिनों के दौरान नाबालिग छात्रा के साथ डरा-धमकाकर कई बार बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया.
लगातार हुए शोषण के कारण नाबालिग छात्रा गर्भवती हो गई, जिसके बाद आरोपी शिक्षक ने लोक-लाज और पकड़े जाने के डर से छात्रा का जबरन गर्भपात (Abortion) करवा दिया. गर्भपात के बाद जब मासूम को असहनीय शारीरिक पीड़ा हुई, तब उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को आपबीती सुनाई, जिससे इस घिनौने कृत्य का खुलासा हुआ.
पीड़िता की मां की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट, एससी/एसटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. डीसीपी के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वीर सिंह यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
छात्रा ने बताई पूरी कहानी
पीड़िता बिजनौर जिले की निवासी है और वर्तमान में अपने परिवार के साथ लखनऊ में रह रही है. वह नौवीं कक्षा में पढ़ती है, जबकि उसके माता-पिता दोनों सरकारी पदों पर कार्यरत हैं. आरोप के मुताबिक, 22 जनवरी को जब किशोरी के अभिभावक अपने कार्यालयों में थे और दादी घर के बाहर धूप सेंक रही थीं, तब आरोपी शिक्षक ने उसे अकेला पाकर उसके साथ जबरदस्ती की. विरोध जताने पर उसने जीवन तबाह करने की चेतावनी दी. सामाजिक डर से लड़की चुप रह गई.
घर आकर देने लगा ट्यूशन
इस घटना के बाद आरोपी दोपहर के समय ट्यूशन देने के नाम पर घर आने लगा और धमकियां देकर 12 फरवरी तक कई मौकों पर उसका शोषण किया. इन 20 दिनों की इन घटनाओं से किशोरी गर्भवती हो गई, जिसके बाद आरोपी ने दवाइयां देकर उसका गर्भ गिरवा दिया. वह लगातार जीवन बर्बाद करने की बात करता रहा.
गर्भपात के बाद जब उसकी सेहत खराब हुई, तब उसने अपनी मां को पूरा वाकया सुनाया. पिता ने 21 फरवरी को थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई. दक्षिणी डीसीपी निपुण अग्रवाल ने जानकारी दी कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद केस दर्ज किया गया और चार जांच दलों का गठन किया गया. आज, 23 फरवरी को आरोपी को पकड़ लिया गया.