उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई डर जाएगा. यहां एक निजी स्कूल प्रबंधन और स्कूल ऑटो चालक की लापरवाही से एक 8 साल के मासूम बच्चे की जान जाते-जाते बच गई. चोटिल अवस्था में बच्चा अब जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है.
दरअसल ये मामला अखंड नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बहराभरी के निजी स्कूल का है. जहां स्कूल प्रबंधन और ऑटो चालक की लापरवाही के चलते एक 8 वर्षीय मासूम बच्चा अब जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है. पीड़ित बच्चे के परिजनों ने मामले की शिकायत कर स्कूल प्रबंधन और वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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क्या है मामला?
अखंड नगर थाना क्षेत्र के अयोध्या नगर के रहने वाले शैलेश कुमार सिंह का 8 वर्षीय इकलौता बेटा सार्थक सिंह पास के ही पब्लिक स्कूल में क्लास एक का छात्र है. उपरोक्त विद्यालय में बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर लाने व पहुंचाने के लिए वाहन लगाया गया था. छात्र के पिता का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन उनसे हर महीने स्कूल बस का किराया जमा करवाता था लेकिन बीते कुछ समय से स्कूली बस की जगह उनके बेटे व अन्य छात्रों को लाने पहुंचाने के लिए स्कूल द्वारा ऑटो रिक्शा भेजा जा रहा था.
इसी दौरान एक दिन अचानक ऑटो रिक्शा से कई बच्चे नीचे गिर गए. जिसमें सार्थक भी शामिल था. ऑटो रिक्शा का पिछला पहिया 8 साल के बच्चे सार्थक के पेट पर से चढ़कर पार हो गया. जिसके कारण उसे गंभीर चोट आई है. आनन- फानन में चोटिल छात्र सार्थक को उसके परिजन अस्पताल ले गए जहां से उसे तत्काल आपरेशन करवाने की सलाह देकर दूसरे जनपद रेफर कर दिया गया.
इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर अम्बेडकर नगर गए. जहां उसका आपरेशन हुआ और अब बच्चा गंभीर हालत में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है. सबसे बड़ी बात इस दौरान स्कूल प्रबंधन द्वारा ना तो परिजनों से बच्चे का हाल खबर पूछा गया और ना ही स्कूल प्रबंधन ये जानना चाहा की बच्चा कैसा है? स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से क्षुब्ध होकर पीड़ित छात्र के पिता ने स्कूल प्रबंधक और अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ शिकायत कर मुकदमा दर्ज करवा दिया है. साथ ही परिजन दोषियों के खिलाफ कड़े एक्शन की भी मांग कर रहे हैं.
इस मामले पर अखण्डनगर थानाध्यक्ष ने बताया की मामला संज्ञान में है. पीड़ित परिजन की तहरीर पर स्कूल प्रबंधक व अज्ञात ऑटो वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की जांच पड़ताल की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है.