सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके यूट्यूबर शादाब जकाती इन दिनों एक विवाद के चलते सुर्खियों में हैं. उनके साथ काम करने वाली महिला और उसके पति के बीच चल रहे पारिवारिक विवाद में नाम घसीटे जाने के बाद शादाब जकाती ने खुलकर अपनी बात रखी है. आजतक से बातचीत में उन्होंने खुद को मानसिक रूप से परेशान बताते हुए कहा कि हालात ऐसे बन गए हैं कि वह अपने ही घर में चैन से सो नहीं पा रहे. शादाब कहते हैं कि हमारे पास बहुत सारी लड़कियां काम करने आती हैं और अपना-अपना काम करके चली जाती हैं.
शादाब जकाती का कहना है कि उनके खिलाफ माहौल जानबूझकर बनाया जा रहा है और हर मुद्दे में केवल उनका नाम उछाला जा रहा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आरोप लगाना सबसे आसान काम है, लेकिन सच्चाई को जानने और समझने की कोशिश बहुत कम लोग करते हैं. शादाब ने कहा कि मैं क्या बोलूं, लोगों को सब पता है. दुनिया किधर जा रही है, लोग क्या चाह रहे हैं. आज पूरी दुनिया को अगर एक ही आदमी दिख रहा है तो वह शादाब जकाती है. हर बात में, हर विवाद में बस मेरा ही नाम सामने लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिस महिला के पति ने उन पर आरोप लगाए हैं, उसी महिला ने पहले भी अपने पति के खिलाफ कई बार बयान दिए हैं. हाल ही में भी महिला ने मीडिया में खुलकर अपनी बात रखी थी, लेकिन उस पहलू को नजरअंदाज कर दिया गया.
काम के लिए आती हैं, काम करके चली जाती हैं
शादाब जकाती ने उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया कि उनके यहां काम करने वाली महिलाओं का शोषण किया जाता है. उन्होंने कहा, हमारे पास बहुत सारी लड़कियां काम करने आती हैं. अपना-अपना काम करती हैं, उनके अकाउंट बनते हैं, वो आगे बढ़ती हैं और फिर चली जाती हैं. यही हमारा काम है आती हैं, काम करती हैं और चली जाती हैं. उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों की मेहनत से उन्होंने अपनी पहचान बनाई है और आज तक उनके खिलाफ कोई ठोस शिकायत दर्ज नहीं हुई. उन्होंने कहा कि हमने 10 साल मेहनत की है यहां तक पहुंचने में. बचपन से लेकर आज तक मेरी कोई शिकायत नहीं रही.
जान का खतरा बताता है, तो मुझे भी डर लग सकता है
शादाब के साथ वीडियो बनाने वाली महिला के पति द्वारा जान के खतरे की बात कहे जाने पर शादाब ने पलटवार करते हुए कहा कि डर सिर्फ एक तरफ नहीं होता. वह जान का खतरा बता रहा है, तो मैं भी कह सकता हूं कि मुझे भी जान का खतरा है. हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि मैं अपने घर में भी चैन से सो नहीं पा रहा. उन्होंने कहा कि वह लगातार मानसिक तनाव में हैं और यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि कब, कहां से कौन क्या कर दे. शादाब ने कहा कि मैं परेशान हूं. पता नहीं कहां से कौन आ जाए, मेरे साथ क्या कर दे.
सोशल मीडिया की मेहनत और पहचान
शादाब जकाती ने बताया कि सोशल मीडिया पर उनकी पहचान रातोंरात नहीं बनी. मैंने 50 हजार से ज्यादा वीडियो में मेहनत की है. सालों की मेहनत के बाद अब जाकर कुछ वीडियो वायरल हुए हैं. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि जितनी मेहनत से पहचान बनाई, उतनी ही तेजी से विवाद में घसीटा जा रहा है. उन्होंने कहा कि बार-बार विवाद खड़ा किया जा रहा है और हर बार निशाना वही बनते हैं. उन्होंने कहा कि लोगों को बार-बार एक ही चीज दिख रही है कि शादाब जकाती. जैसे सब कुछ मेरे ही इर्द-गिर्द घूमता हो.
महिला के अधिकारों पर भी उठाए सवाल
बातचीत के दौरान शादाब ने महिला के हालात और अधिकारों पर भी खुलकर बात की. कहा कि अगर एक महिला काम करने आती है और उसका पति उसे मारता है, खाना नहीं देता, तो वो क्या करे? क्या महिला को जीने का हक नहीं है? उन्होंने सवाल उठाया कि अगर महिला अपने और अपने बच्चों के लिए काम कर रही है, तो उसमें गलत क्या है. एक औरत अपने ऊपर जुल्म सह सकती है, भूखी रह सकती है, लेकिन बच्चे कैसे भूखे रहें? अगर वह कुछ कमा रही है और उसके पैसे भी पति ले जा रहा है कभी 10 हजार, कभी 20, कभी 30-40 हजार तो ये कौन सा इंसाफ है?
आरोप लगाने में कितना टाइम लगता है
शादाब ने कहा कि आरोप लगाना बेहद आसान है. आरोप लगाने में कितना टाइम लगता है? मैं भी किसी पर आरोप लगा सकता हूं, लेकिन हमें उसकी जरूरत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके यहां काम करने वाली महिलाएं कलाकार और आर्टिस्ट हैं, जो मेहनत करके अपनी रोजी-रोटी कमा रही हैं. हमारे पास एक नहीं होगी तो दूसरी आएगी, दूसरी नहीं तो तीसरी आएगी. यह सब कलाकार हैं, मेहनती लोग हैं.
पुलिस जांच में सहयोग की बात
शादाब जकाती ने साफ किया कि वह न तो भाग रहे हैं और न ही किसी जांच से डरते हैं. हमने पुलिस से साफ कहा है कि हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे. मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं. उन्होंने मांग की कि झूठे आरोप लगाने वालों और उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने वालों की भी जांच होनी चाहिए. जो लोग झूठ बोल रहे हैं, जो जानबूझकर मेरी छवि खराब करना चाहते हैं, उनकी भी जांच होनी चाहिए.
आज ठान लिया था कहीं दूर चला जाऊं
बातचीत के अंत में शादाब भावुक नजर आए. कहा कि आज तो मैंने ठान ही लिया था कि यहां से कहीं दूर चला जाऊं. क्योंकि जब परेशानी बढ़ती है, तो लोग किसी को खत्म करने की फिराक में लग जाते हैं. उन्होंने कहा कि आखिरकार वही होगा जो ऊपर वाला चाहेगा. शादाब ने कहा कि लोग पूरी कोशिश कर रहे हैं मुझे हिलाने की, गिराने की. लेकिन अपने ही लोग जलते हैं. मैं जहां भी जाता हूं, मुझे इज्जत मिलती है.