उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में जिला प्रशासन ने अल-हुदा मदरसे पर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी है. यह मदरसा ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान से जुड़ा है. मौलाना पर अवैध विदेशी फंडिंग और पाकिस्तान कनेक्शन जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. अधिकारियों का कहना है कि बिना नक्शा पास कराए यह निर्माण कराया गया.
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोती नगर मोहल्ले में स्थित अल-हुदा मदरसे पर सुबह से ही प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. देखते ही देखते बुलडोजर मौके पर पहुंचा और अवैध निर्माण को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए.

प्रशासन के मुताबिक, मदरसे का निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के कराया गया था. इस संबंध में संबंधित विभाग ने 13 जनवरी 2026 को नोटिस जारी किया था. इसके बावजूद निर्माण को वैध कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए गए. जांच में निर्माण नियमों के विपरीत होने की बात सामने आई. इसके बाद ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया.
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कार्रवाई को रोकने के लिए मौलाना शमसुल हुदा खान ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि, अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी. कोर्ट से राहत न मिलने के बाद जिला प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी. मौलाना शमसुल हुदा खान पहले से ही जांच एजेंसियों के रडार पर हैं. मौलाना पर अवैध तरीके से विदेशी फंडिंग लेने और संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय संपर्क रखने के आरोप लगे हैं.

सदर एसडीएम हृदय राम त्रिपाठी ने कहा कि मौलाना पर गंभीर आरोप लगे थे, जिस पर जांच प्रक्रिया जारी है. मदरसे का नक्शा संबंधित विभाग से पास नहीं कराया गया था. इस पर 13 जनवरी 2026 को मदरसे को नोटिस जारी किया गया था. इस संबंध में मौलाना ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका खारिज हो गई. इसके बाद स्थानीय प्रशासन अपनी कार्रवाई कर रहा है. मदरसा डिमोलिश होने तक कार्रवाई जारी रहेगी. बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मौके पर कई थानों की पुलिस तैनात रही.