scorecardresearch
 

संभल में प्रशासन का बड़ा एक्शन: दादा मियां दरगाह से सटी मस्जिद हटाने का फरमान, 15 दिन का अल्टीमेटम

संभल जिले में प्रशासन ने दादा मियां दरगाह के पास कब्रिस्तान की भूमि पर बनी मस्जिद को हटाने का आदेश दिया है. तहसीलदार की टीम ने मौके पर पहुंचकर मस्जिद के मुतवल्ली को 15 दिन में स्वयं निर्माण हटाने का अल्टीमेटम दिया. साथ ही मजार परिसर में बिना अनुमति लगने वाले साप्ताहिक बाजार को भी बंद कराने की चेतावनी दी गई है.

Advertisement
X
संभल में सख्त कार्रवाई.(Photo: Abhinav Mathur/ITG)
संभल में सख्त कार्रवाई.(Photo: Abhinav Mathur/ITG)

संभल जिले में सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए प्रशासन का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है. इसी कड़ी में अब चौधरी सराय इलाके में स्थित दादा मियां की दरगाह के पास बनी मस्जिद प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आ गई है. प्रशासन का कहना है कि यह मस्जिद कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध तरीके से बनाई गई है, जिसे 15 दिन के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए हैं.

बुधवार को तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह लेखपालों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे. प्रशासन ने मजार और मस्जिद के मुतवल्ली मुहम्मद सुल्तान को साफ शब्दों में कहा कि तय समयसीमा के भीतर मस्जिद स्वयं हटाई जाए, अन्यथा आगे की कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें: संभल में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ा एक्शन, खुद DM-SP ने चलाया अभियान

कब्रिस्तान की जमीन पर मस्जिद होने का दावा

प्रशासन के अनुसार, दादा मियां की मजार के बराबर में बनी मस्जिद कब्रिस्तान की भूमि पर स्थित है, जो नियमों के खिलाफ है. तहसीलदार ने मौके पर मस्जिद के निर्माण से जुड़े दस्तावेज भी मांगे और निर्माण को अवैध बताया. इसके साथ ही मजार परिसर में बिना अनुमति लगने वाले साप्ताहिक बाजार को भी हटाने की चेतावनी दी गई.

प्रशासन का कहना है कि इस इलाके में हर शुक्रवार को लगने वाले बड़े बाजार की वजह से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती है. इसी को लेकर जनता दर्शन में शिकायत दी गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की है.

Advertisement

अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान

दरअसल, संभल जिले में बीते रविवार से प्रशासन सरकारी जमीनों पर बने मस्जिदों, मदरसों और अन्य निर्माणों को हटाने का अभियान चला रहा है. इसी अभियान के तहत चौधरी सराय इलाके की भी जांच की गई, जहां दादा मियां की मजार के पास बनी मस्जिद पर सवाल उठाए गए.

प्रशासन का कहना है कि सरकारी और कब्रिस्तान की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, सभी मामलों में पहले नोटिस दिया जा रहा है और लोगों को स्वयं हटाने का मौका दिया जा रहा है.

मुतवल्ली का दावा: मस्जिद बेहद पुरानी

मस्जिद के मुतवल्ली मुहम्मद सुल्तान ने प्रशासन के दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह मस्जिद कोई नई नहीं है. उनका कहना है कि यह इमारत उनके पुरखों के समय से मौजूद है और इसका इतिहास 700 से 800 साल पुराना बताया जाता है. उन्होंने कहा कि दादा मियां की मजार भी करीब 700 साल पुरानी है और उसी समय से मस्जिद बनी हुई है.

मुतवल्ली ने बताया कि प्रशासन ने 15 दिन का समय दिया है, जिसके बाद वे कानूनी सलाह लेंगे और वकीलों से राय मशविरा करेंगे. फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चा तेज है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement