सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत रॉय का निधन हो गया है. (फाइल फोटो) सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय का मंगलवार को मुंबई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वे 75 साल के थे. रॉय काफी दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था. सुब्रत रॉय का पार्थिव शरीर आज (बुधवार) लखनऊ के सहारा शहर लाया जाएगा. यहां उन्हें आखिरी विदाई दी जाएगी. सुब्रत के परिवार में पत्नी स्वप्ना रॉय और दो बेटे सुशांतो रॉय और सीमांतो रॉय हैं. कंपनी के एक बयान के अनुसार, रॉय का कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण निधन हुआ है. सहारा प्रमुख का जन्म 10 जून, 1948 को बिहार के अररिया जिले में हुआ. कोलकाता में शुरुआती पढ़ाई पूरी की. उसके बाद गोरखपुर के एक सरकारी कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. सुब्रत रॉय ने अपना पहला कारोबार गोरखपुर से ही शुरू किया था.
सुब्रत रॉय का पार्थिव शरीर दोपहर में अमौसी एयरपोर्ट पहुंचेगा. वहां से सीधे गोमतीनगर में विपुल खंड स्थित उनके आवास सहारा शहर पहुंचेगा. गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे विपुल खंड से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. अंतिम यात्रा शहर के अंबेडकर चौराहा, गांधी सेतु होते हुए 1090 चौराहा से मुड़कर बैकुंठ धाम पहुंचेगी और अंतिम संस्कार होगा.
सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय का पार्थिव शरीर आज लखनऊ लाया जा रहा है. मुंबई के कोकिलाबेन हॉस्पिटल से दोपहर करीब 12.30 से 1 बजे के बीच पार्थिव शरीर एयरपोर्ट के लिए निकलेगा. एयरपोर्ट गेट नंबर 8 से एंबुलेंस अंदर जाएगी. दोपहर 2 बजे मुंबई से चार्टर प्लेन से पार्थिव शरीर को लखनऊ ले जाया जाएगा. (इनपुट- सौरभ वक्तानिया)
UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सुब्रत रॉय के निधन पर शोक जताया. योगी ने एक्स पर लिखा, सहारा समूह के प्रमुख श्री सुब्रत रॉय जी का निधन अत्यंत दुःखद है. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति दें. ॐ शांति!
रॉय की यात्रा गोरखपुर के सरकारी तकनीकी संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा के साथ शुरू हुई. साल 1976 में संघर्षरत चिटफंड कंपनी सहारा फाइनेंस का अधिग्रहण करने से पहले उन्होंने गोरखपुर में व्यवसाय में कदम रखा. 1978 तक उन्होंने इसे सहारा इंडिया परिवार में बदल दिया, जो आगे चलकर भारत के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप्स में से एक बन गया. रॉय के नेतृत्व में सहारा ने कई व्यवसायों में विस्तार किया. समूह ने 1992 में हिंदी भाषा का समाचार पत्र राष्ट्रीय सहारा लॉन्च किया. 1990 के दशक के अंत में पुणे के पास महत्वाकांक्षी एम्बी वैली सिटी परियोजना शुरू की और सहारा टीवी के साथ टेलीविजन क्षेत्र में प्रवेश किया, जिसे बाद में सहारा वन नाम दिया गया. 2000 के दशक में सहारा ने लंदन के ग्रोसवेनर हाउस होटल और न्यूयॉर्क शहर के प्लाजा होटल जैसी प्रतिष्ठित संपत्तियों के अधिग्रहण के साथ अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं.
रॉय की कानूनी परेशानियों का व्यापार जगत में उनके योगदान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा. उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए, जिनमें ईस्ट लंदन विश्वविद्यालय से बिजनेस लीडरशिप में मानद डॉक्टरेट की उपाधि और लंदन में पॉवरब्रांड्स हॉल ऑफ फेम अवार्ड्स में बिजनेस आइकन ऑफ द ईयर पुरस्कार शामिल है. उन्हें इंडिया टुडे की भारत के सबसे शक्तिशाली लोगों की सूची में भी नियमित रूप से शामिल किया गया था.
सहारा इंडिया के खिलाफ लोगों के पैसों का कई सालों से भुगतान नहीं करने का एक मामला पटना हाईकोर्ट में चल रहा है. लोगों ने ये पैसे कंपनी की कई स्कीमों में लगाए थे. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय की गिरफ्तारी के पटना हाईकोर्ट के आदेश पर तत्काल सुनवाई करते हुए रोक लगा दी थी. रॉय के खिलाफ एक अन्य मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है. वे जमानत पर बाहर थे. वहीं, निवेशकों के पैसे लौटाने को लेकर सहारा इंडिया का दावा है कि वो सारी रकम सेबी के पास जमा करा चुके हैं.
सपा महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भी सुब्रत रॉय के निधन पर शोक जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, सहाराश्री सुब्रत रॉय जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है. ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. भावपूर्ण श्रद्धांजलि.
सुब्रतो रॉय के निधन पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शोक जताया है. पार्टी ने एक्स पर पोस्ट लिखा और कहा, सहारा श्री सुब्रत रॉय जी का निधन उत्तर प्रदेश और देश के लिए भावात्मक क्षति हैं क्योंकि वो एक अति सफल व्यवसायी के साथ-साथ एक ऐसे अति संवेदनशील विशाल हृदयवाले व्यक्ति भी थे जिन्होंने अनगिनत लोगों की सहायता की, उनका सहारा बने. भावभीनी श्रद्धांजलि!
सुब्रत रॉय के निधन पर सहारा इंडिया परिवार ने बयान जारी किया है. इसमें कहा, सहारा इंडिया परिवार को अत्यंत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे मैनेजिंग वर्कर और चेयरमैन 'सहाराश्री' सुब्रत रॉय सहारा का निधन हो गया है. सहाराश्री जी एक प्रेरणादायक और दूरदर्शी व्यक्तित्व थे. मेटास्टैटिक मैलिंगनैंसी, हाई ब्लड प्रेशर और शुगर की बीमारियों के साथ एक लंबी लड़ाई के बाद कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण 14 नवंबर 2023 को रात 10.30 बजे उनका निधन हो गया. स्वास्थ्य में गिरावट के बाद उन्हें 12 नवंबर 2023 को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल और मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (केडीएएच) में भर्ती कराया गया था. उनकी क्षति पूरे सहारा इंडिया परिवार को गहराई से महसूस होगी. सहाराश्री जी उन सभी के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति, मार्गदर्शक और प्रेरणा के स्रोत थे, जिन्हें उनके साथ काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था. अंतिम संस्कार के संबंध में विवरण उचित समय पर सूचित किया जाएगा. सहारा इंडिया परिवार सहाराश्री की विरासत को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. हम हमारे संगठन को आगे बढ़ाने में उनके दृष्टिकोण का सम्मान करना जारी रखेंगे.