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BJP ने RLD को याद दिलाए 'अच्छे दिन', योगी सरकार के मंत्री बोले- हमारे साथ अलायंस कर 2009 में जीते थे 5 सांसद

आम चुनाव करीब आ गए हैं. एनडीए और विपक्षी गठबंधन ने छोटे दलों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं. दोनों गठबंधन सेंधमारी में लगे हैं. यूपी की राजनीति में जाट बेल्ट में मजबूत पकड़ रखने वाली आरएलडी को लेकर बीजेपी की तरफ से खुले संकेत दिए जाने लगे हैं. मुजफ्फरनगर से तीन बार के विधायक और योगी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने रालोद को 'अच्छे दिन' याद दिलाए हैं.

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आरएलडी प्रमुख और राज्यसभा सांसद जयंत सिंह. (फाइल फोटो- पीटीआई)
आरएलडी प्रमुख और राज्यसभा सांसद जयंत सिंह. (फाइल फोटो- पीटीआई)

पश्चिमी यूपी में बीजेपी के बड़े नेता और योगी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के साथ गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इशारों में आरएलडी को 'अच्छे दिन' भी याद दिलाए और कहा- अगले चुनाव के लिए दोनों दलों के बीच गठबंधन पर कोई भी निर्णय पार्टी हाईकमान की तरफ से लिया जाएगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि 2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और आरएलडी के बीच गठबंधन था. जयंत चौधरी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए यह अलायंस 'सबसे फायदेमंद' साबित हुआ था. तब RLD ने पांच सीटें जीती थीं.

दरअसल, 2024 का आम चुनाव करीब आ गया है. एनडीए और I.N.D.I.A के बीच अपने-अपने कुनबे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. दोनों गठबंधन ज्यादा से ज्यादा छोटे दलों का साथ लेने की पुरजोर कोशिश में लगे हैं. यूपी में भी इसी कवायद को जमीन पर उतारा जा रहा है. बीजेपी यहां विपक्षी गठबंधन के दलों में सेंधमारी की कोशिश में लगी है. पिछले दिनों बीजेपी ने पुराने सहयोगी ओम प्रकाश राजभर की पार्टी को अलायंस में शामिल किया है. आरएलडी 2014 और 2019 के आम चुनाव में कोई सीट नहीं जीत पाई है.

'2009 के बाद नहीं बना RLD का लोकसभा सांसद'

अग्रवाल मुजफ्फरनगर से बीजेपी से तीन बार विधायक चुने गए हैं. योगी सरकार में मंत्री अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि रालोद के मतदाता आज बीजेपी को अपनी पसंद बना रहे हैं. उन्होंने कहा, 2009 के लोकसभा चुनाव में आरएलडी का बीजेपी के साथ गठबंधन था और उसे पांच सीटें मिली थीं. बाद के चुनावों में निचले सदन में उनका कोई सांसद नहीं बन पाया. उन्होंने कहा, इसका मतलब यह है कि रालोद के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन सबसे फायदेमंद साबित हुआ है.

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'बीजेपी ने हमेशा आरएलडी का सम्मान किया'

उन्होंने कहा कि अगले साल की शुरुआत में लोकसभा चुनाव में वे (RLD) बीजेपी के साथ गठबंधन करेंगे या नहीं, इसका फैसला भाजपा नेतृत्व और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी करेंगे. यह मेरा काम नहीं है. हालांकि, मैं यह जरूर कहूंगा कि रालोद के मतदाता आज भाजपा की ओर आकर्षित हैं. अग्रवाल ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में जोर देकर कहा कि बीजेपी ने रालोद को हमेशा सम्मान दिया और रिजर्वेशन दिया है.

'यूपी में RLD का SP के साथ अलायंस'

बता दें कि वर्तमान में आरएलडी, समाजवादी पार्टी की सहयोगी है. उसने 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सपा के साथ मिलकर लड़ा था. 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में रालोद के 9 विधायक हैं. बताते चलें कि 2009 के लोकसभा चुनाव में अजीत सिंह के नेतृत्व में आरएलडी ने बीजेपी के साथ अलायंस किया था और पश्चिमी यूपी में उम्मीदवार उतारे थे. बीजेपी ने पूरे प्रदेश में 10 सीटें जीती थीं, वहीं, आरएलडी को पांच सीटें मिली थीं.

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BJP विधायक और योगी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल.

'दलितों की पसंद भी बन गई बीजेपी'

मंत्री अग्रवाल ने कहा, जहां तक ​​​​बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का सवाल है, वह समय के साथ 'कमजोर' हो गई है. उसके पारंपरिक वोटर्स भाजपा को पसंद करने लगे हैं. भले ही बीजेपी उनके लिए पहली पसंद ना हो, लेकिन दूसरी पसंद जरूर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सुरक्षा, संरक्षण दिया है. उनके विकास और उन्हें सक्षम बनाने के लिए काम किया जा रहा है. वे इसे देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है. अब दलित समुदाय की बेटियां बी.टेक और एम.टेक कर रही हैं. वैज्ञानिक और प्रोफेसर बन रही हैं.

'मोदी के आने पर आतंकवाद खत्म हुआ'

उन्होंने कहा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में युवा सेना में शामिल हो रहे हैं और देशभक्ति से भरे हुए हैं. पहले कश्मीर और असम से रोजाना (जवानों के) शव आते थे. तब रोजाना आतंकी घटनाएं होती थीं. आज आतंकवाद पर 95 फीसदी काबू पा लिया गया है. यह मोदी के सत्ता में आने के बाद हुआ है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान देख रहे हैं कि मोदी के सत्ता में आने के बाद आतंकवाद खत्म हो गया है. वहां (जवानों के) शव आने की संख्या न्यूनतम हो गई है. सीमा सुरक्षित हो गई है.

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'यूपी में बीजेपी के पास 80% वोट शेयर'

मंत्री ने यह भी कहा कि विपक्षी गुट I.N.D.I.A का उत्तर प्रदेश में कोई प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा. कांग्रेस लगभग शून्य (सीटों) की ओर बढ़ रही है. बीजेपी के पास 80 प्रतिशत वोट शेयर है. जबकि बाकी अन्य दल 20 प्रतिशत वोट शेयर के लिए लड़ रहे हैं.

'अखिलेश से सपा के वोटर्स नाराज'

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावे किया है कि आगामी चुनावों में बीजेपी का सफाया हो जाएगा. इस पर अग्रवाल ने कहा, उन्होंने पिछली बार (2022 विधानसभा चुनाव) भी कहा था. वर्तमान में जो सीटें उनके (अखिलेश) के पास हैं, वे (सीटें) ) भी उनके साथ नहीं रहेंगी. लोगों को पता चल गया है कि अखिलेश यादव किस तरह की राजनीति करते हैं, किस तरह के असामाजिक तत्वों ने उनसे हाथ मिला लिया है. यहां तक ​​कि उनके अपने मतदाता भी उनसे नाखुश हैं.

'युवाओं को मिलेगा रोजगार'

- कौशल विकास के मुद्दे पर मंत्री ने कहा- फरवरी 2023 में लखनऊ में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के बाद दुनियाभर से लोग यहां निवेश के लिए आ रहे हैं. स्वाभाविक है कि यहां से सीनियर के अलावा युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
- जिस तरह के मैन पावर की जरूरत होगी, हम उसके लिए कौशल विकास डेवलप करेंगे. इसके लिए उद्योग के लोगों से भी परामर्श किया जा रहा है. 

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- प्रधानमंत्री भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए काम कर रहे हैं.
-  हालांकि, इस सपने को साकार करने के लिए देश के बच्चों को कुशल बनाने की आवश्यकता है. हमारा विभाग तेज गति से काम कर रहा है ताकि बच्चों को कुशल बना सकें. उन्हें तकनीकी शिक्षा से जोड़ सकें और उन्हें हरफनमौला बना सकें.
- उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में 150 आईटीआई को अपग्रेड करने के लिए टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (एमओए) पर भी हस्ताक्षर किए हैं.

2009 में कौन-कौन सीटें जीती थी आरएलडी...

अमरोहा में देवेंद्र नागपाल, बागपत से अजीत सिंह, बिजनौर से संजय सिंह चौहान, हाथरस से सारिका सिंह, मथुरा से जयंत चौधरी चुनाव जीते थे.

2009 में बीजेपी को कहां मिली थी जीत...

आगरा से डॉ. राजकुमार सिंह, आंवला से मेनका गांधी, आजमगढ़ से रमाकांत यादव, बांसगांव से कमलेश पासवान, गाजियाबाद से राजनाथ सिंह, गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ, लखनऊ से लालजी टंडन, मेरठ से राजेंद्र अग्रवाल, पीलीभीत से वरुण गांधी और वाराणसी से मुरली मनोहर जोशी चुनाव जीते थे.

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