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UP सरकार ने एक छत के नीचे चलने वाली यूनिवर्सिटी के साथ किया 35 हजार करोड़ का करार! नहीं पढ़ता एक भी छात्र

10-12 फरवरी तक यूपी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ समिट के लिए यूपी के दोनों डिप्टी सीएम और मंत्री अलग-अलग देशों के दौरे पर पहुंचे. रविवार को सैन फ्रांसिस्को में यूपी के मंत्री सुरेश खन्ना और औद्योगिक विकास के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की मौजूदगी में प्रदेश में नॉलेज स्मार्ट सिटी बनाने के लिए MoU (समझौता पत्र) पर हस्ताक्षर किए गए.

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यूपी के मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी में हुआ था समझौता
यूपी के मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी में हुआ था समझौता

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सैन फ्रांसिस्को की ऑस्टिन यूनिवर्सिटी (Austin University) के साथ यूपी में नॉलेज स्मार्ट सिटी बनाने के लिए समझौता किया है. ऑस्टिन यूनिवर्सिटी यूपी में 5 हजार एकड़ में नॉलेज सिटी बनाएगी. इसकी लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपए होगी. लेकिन यूपी सरकार का ये समझौता सवालों के घेरे में है.

दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यूपी सरकार के समझौते में जिस ऑस्टिन यूनिवर्सिटी का जिक्र है, उसमें एक भी छात्र नहीं पढ़ता. इतना ही नहीं यूनिवर्सिटी का लाइसेंस भी कुछ दिनों पहले ही कैंसिल हो चुका है. हालांकि, यूपी सरकार का कहना है कि उसने ऑस्टिन यूनिवर्सिटी नहीं, ऑस्टिन कंसल्टिंग ग्रुप के साथ ये समझौता किया है. 

ऑस्टिन यूनिवर्सिटी में मात्र 25 फैकल्टी

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जिस यूनिवर्सिटी के साथ यूपी सरकार ने समझौता किया है, वह एक छत के नीचे चलती है. इतना ही नहीं यूनिवर्सिटी में एक भी छात्र भी नहीं पढ़ता. अमेरिका की ब्यूरो फॉर प्राइवेट पोस्ट सेकेंडरी एजुकेशन ऑस्टिन यूनिवर्सिटी के संचालन के लिए जरूरी लाइसेंस को पहले ही कैंसिल कर चुकी है. ऑस्टिन यूनिवर्सिटी में मात्र 25 फैकल्टी हैं.

कैलिफॉर्निया डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स के आदेश के मुताबिक, ऑस्टिन यूनिवर्सिटी को 2011 में प्राइवेट एजुकेशन इंस्टीट्यूट चलाने की अनुमति मिली थी. इसे 8 दिसंबर 2022 को रद्द कर दिया गया. इतना ही नहीं यूनिवर्सिटी पर 9965 डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया. 

यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर मौजूद  फैक्ट सीट के मुताबिक, संस्थान में MBA कोर्स कराया जाता है, लेकिन 2016- 2020 के बीच एक भी स्टूडेंट ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया. वहीं, यूनिवर्सिटी के संस्थापक अशरफ अल मुस्तफा ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि उन्होंने ऑस्टिन कंसल्टिंग ग्रुप बनाया है. यूपी सरकार ने इसी के साथ समझौता किया है. उन्होंने बताया कि वे यूनिवर्सिटी के भी संस्थापक हैं. लेकिन यूपी सरकार के MoU का इस यूनिवर्सिटी से कोई लेना देना नहीं है.

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सवालों में यूपी सरकार का ये समझौता

ऑस्टिन यूनिवर्सिटी को लेकर जो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, उनके बाद यूपी सरकार का ये समझौता सवालों के घेरे में है. सवाल उठ रहे हैं कि जब इस यूनिवर्सिटी में न स्टूडेंट्स हैं और न इसका ऑफिस तो यह यूपी में इतना बड़ा इंवेस्ट कैसे कर सकती है?

ऑस्टिन यूनिवर्सिटी के साथ साइन हुआ था MoU 

10-12 फरवरी तक यूपी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्ज़ समिट के लिए यूपी के दोनों डिप्टी सीएम और मंत्री अलग-अलग देशों के दौरे पर पहुंचे. उसमें रोड शो के अलावा ‘वन टू वन’मीटिंग्स भी हुईं. रोज़गार के बड़े निवेश प्रस्तावों के बीच ये समझौता भी हुआ है, जिससे आने वाले समय में यूपी में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया जा सकेगा. रविवार को सैन फ़्रैन्सिस्को में यूपी के मंत्री सुरेश खन्ना और औद्योगिक विकास के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की मौजूदगी में प्रदेश में नॉलेज स्मार्ट सिटी बनाने के लिए MoU (समझौता पत्र) पर हस्ताक्षर किए गए. ये करार ऑस्टिन यूनिवर्सिटी के साथ हुआ है.
 

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