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प्रयागराज में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, पौष पूर्णिमा स्नान के साथ संगम तट पर माघ मेला शुरू

प्रयागराज में हर साल लगने वाले माघ मेले की शुरुआत शनिवार यानी कि पौष पूर्णिमा स्नान से शुरू हो गया है. कड़ाके की ठंड को दरकिनार कर श्रद्धालु आस्था की डुबकी संगम में लगा रहे हैं. प्रशासन का दावा है कि आज करीब 30 लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे. वहीं पूरे मेले के दौरान 12 से 15 करोड़ लोगों के पहुंचने की उम्मीद है.

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प्रयागराज में पौष पूर्णिमा स्नान के लिए लाखों की संख्या में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु.  (Photo: Screengrab)
प्रयागराज में पौष पूर्णिमा स्नान के लिए लाखों की संख्या में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु. (Photo: Screengrab)

माघ मेले में पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के पर्व पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. कड़ाके की ठंड के बावजूद ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु संगम की त्रिवेणी में स्नान कर दान पुण्य कर रहे हैं. पौष पूर्णिमा के पावन पर्व पर संगम की त्रिवेणी में स्नान और दान का विशेष महत्व है. ऐसी मान्यता है कि पौष पूर्णिमा पितरों की पूर्णिमा है और यह कल्याण पर्व है‌. इस मौके पर आस्था से लोग कल्याण की समस्त कामनाओं को लेकर लोग तीर्थराज प्रयाग आते हैं.

इस दिन से ही संगम की रेती पर चलने वाले माघ मेले में कल्पवासी पितरों के मोक्ष और कामनाओं की पूर्ति का संकल्प लेकर कल्पवास की शुरुआत करते हैं. माघी पूर्णिमा तक चलने वाले इस पर्व पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं. माघ मेले में आये कल्पवासी जीवन और मृत्यु के बंधनों से मुक्ति की कामना को लेकर अलौकिक शक्ति और ऊर्जा प्राप्त करने के लिए संगम की रेती में एक माह तक कठिन तप और जप करेंगे.

यह भी पढ़ें: माघ मेला 2026 की तैयारियों की CM योगी आदित्यनाथ ने की समीक्षा, प्रमुख स्नान पर्वों पर VIP प्रोटोकॉल नहीं होगा

12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद

पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालु व्रत रखकर, स्नान, दान और पूजा-पाठ करते हैं. जिससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और नकारात्मकता खत्म होती है. इस दिन जरूरतमंदों को अन्न और कपड़े दान भी किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि पौष पूर्णिमा के दिन कच्चे फल और सब्जियों का भी दान करना चाहिए.

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संगम की रेती पर पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व से लेकर 15 फरवरी महाशिवरात्रि के स्नान पर्व तक 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. मेला प्रशासन का अनुमान है कि शनिवार को माघ मेले में  25 से 30 लाख श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे. 

मेले में सुरक्षा के हैं कड़े इंतजाम

श्रद्धालुओं के लिए 8 किलोमीटर लंबा घाट बनाया गया है. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर मेले की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं. ‌मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. पुलिस, पीएसी और आरएएफ की तैनाती की गई है. इसके साथ ही स्नान घाटों पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और गोताखोर तैनात किए गए हैं. माघ मेले पर एआई युक्त सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है.

माघ मेले में यूपी एटीएस के कमांडो भी तैनात किए गए हैं, जो किसी भी परिस्थिति में दुश्मनों से निपटने में सक्षम हैं. ‌मेला अधिकारी ऋषि राज के मुताबिक हर दो घंटे पर स्नानार्थियों के स्नान का आंकड़ा जारी किया जाएगा. एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉक्टर अजय पाल शर्मा के मुताबिक मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
 

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