यूपी प्रयागराज में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या से हड़कंप मच गया. नैनी मड़ौका स्थित लगन बिहार गेस्ट हाउस के पास आरोपियों ने महेंद्र पुरवा निवासी 35 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर अजहरुद्दीन को रविवार को अपने ऑफिस बुलाया. पिछले चार साल से जमीन का काम कर रहे अजहरुद्दीन जैसे ही बाइक से वहां पहुंचे, उनके पार्टनर्स ने पैसे के लेनदेन के पुराने विवाद में उनकी दाहिनी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी. गोली लगने से उनका सिर फट गया और फर्श पर खून फैल गया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. एडिशनल सीपी अजय पाल शर्मा और डीसीपी यमुनापार विवेक कुमार यादव ने पुलिस बल के साथ मौके पर जांच शुरू कर दी है.
पैसे का लेनदेन और अंदरूनी लड़ाई
मृतक के परिजन अलाउद्दीन और पड़ोसियों के बयानों के अनुसार, अजहरुद्दीन, अरविंद भारती और वकील बृजेश निषाद मिलकर जमीन का कारोबार करते थे. पिछले एक साल से इनके बीच पैसों के लेनदेन को लेकर अंदरूनी लड़ाई और विवाद चल रहा था. घटना वाले दिन अरविंद ने फोन करके अजहरुद्दीन को दफ्तर बुलाया था. अरविंद और बृजेश पहले ही एक वैगनआर कार से वहां पहुंच चुके थे. अजहरुद्दीन के आने के महज 10 मिनट के भीतर ही इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दे दिया गया.
सीसीटीवी फुटेज और सबूतों की जांच
गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हुए और पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने घटनास्थल से एक खाली पिस्टल का खोखा बरामद किया है. दफ्तर और आसपास तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिनकी फुटेज को पुलिस खंगाल रही है। एडिशनल सीपी ने बताया कि हत्या पूरी तरह से सुनियोजित और योजनाबद्ध तरीके से की गई है. सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की सटीक लोकेशन और उनकी तस्वीरों को साफ किया जा रहा है ताकि आगे की कड़ी जोड़ी जा सके.
आरोपियों की कार जब्त, दो हिरासत में
वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपियों की वैगनआर कार की नंबर प्लेट की फोटो स्थानीय लोगों ने खींच ली थी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के घरों पर दबिश दी और वैगनआर कार को जब्त कर लिया. डीसीपी विवेक कुमार यादव के मुताबिक, अरविंद भारती अपने घर पर कार छोड़कर बृजेश के साथ दूसरी गाड़ी से फरार हो गया. पुलिस ने जांच के सिलसिले में आरोपियों के परिवार के दो सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं.
हालांकि, एक वीडियो सामने आया है जिसमें आरोपी प्रयागराज के अतरसिया थाने में सरेंडर करने जा रहे हैं. खुद उन्होंने ही इसका वीडियो बनाया था. हालांकि, कुछ देर बाद सरेंडर करने के बजाय वो वहां से फरार हो गए. लेकिन कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया.