सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फॉर्म-7 के दुरुपयोग के जरिए समाजवादी पार्टी के समर्थकों के वोट काटने का गंभीर षड्यंत्र रचा गया. लेकिन PDA वाले कयामत तक लड़ेंगे अपने PDA के वोट के अधिकार की लड़ाई क्योंकि वोट छिना तो सब छिन जाएगा.
अखिलेश के मुताबिक, भाजपा द्वारा जमा किए गए लगभग 1.28 लाख अज्ञात फॉर्म-7 के माध्यम से पीडीए वर्ग की विभिन्न जातियों के नाम निशाना बनाए जा रहे हैं. मंगलवार को सपा विधायक इस विसंगति के खिलाफ चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपेंगे और विधानसभा में भी इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाएंगे.
PDA के खिलाफ गहरी साजिश का आरोप
अखिलेश यादव ने विस्तार से उन जातियों की सूची गिनाई जिनके नाम काटने की कोशिश हो रही है. इनमें कुर्मी, मौर्य, पाल, यादव, पासी, निषाद, अंसारी और अन्य पिछड़ी व दलित जातियां शामिल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के वर्चस्ववादी लोग प्रशासन की मदद से फर्जी फॉर्म-7 भर रहे हैं. अखिलेश के अनुसार, अयोध्या में 'छह बच्चे होने' जैसे अजीबो-गरीब तर्क देकर वोट काटे गए. उन्होंने मांग की कि फॉर्म-7 भरने की प्रक्रिया केवल सरकारी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा ही संपन्न होनी चाहिए.
चुनाव आयोग और प्रशासन के रवैये पर सवाल
सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसे 'बंद कबूतरी आंख' करार दिया. उन्होंने कहा कि अज्ञात नामों से भरे गए लाखों फॉर्म असल में भाजपा कार्यकर्ताओं के हैं. कन्नौज के जिलाधिकारी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. अखिलेश ने मांग की कि डेटा सार्वजनिक किया जाए कि किस बूथ पर किसने फॉर्म भरा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक भी जिलाधिकारी पर कार्रवाई हो जाए, तो पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया ठीक हो जाएगी.
आरक्षण और पंचायत चुनाव पर घेरा
अखिलेश ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जनगणना और जातिगत गिनती से भाग रही है. उनके अनुसार, भाजपा हार के डर से पंचायत चुनावों को आरक्षण के नाम पर फंसाकर टाल रही है. सोमवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने 'दबदबा' शीर्षक वाला एक वीडियो गाना भी दिखाया, जिसे हथियारों के साथ फिल्माया गया था. सपा प्रमुख ने अपने कार्यकर्ताओं यानी 'पीडीए प्रहरियों' को सतर्क रहने और एक भी वोट न कटने देने का आह्वान किया. इस दौरान पूर्व कांग्रेस विधायक केके शर्मा ने सपा की सदस्यता भी ग्रहण की.