आगरा में ताजमहल के अंदर शाहजहां और मुमताज की कब्र पर 1560 मीटर लंबी चादर चढ़ाई गई. सुबह 7 फातिहा पढ़ा गया और 9 बजे से क्रब पर चादर चढ़ाने का काम शुरू किया गया और दोपहर तीन सबसे लंबी चादर 1560 मीटर चादर चढ़ाई गई. इस दौरान ताजमहल में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली. जानकारी के मुताबिक हर साल चादर की लंबाई को बढ़ा दिया जाता है.
ताजमहल के बाहर जगह जगह लंगर बांटा गया और देश में अमन चैन की दुआएं मांगी गई. खुद्दामे रोजा कमेटी के अध्यक्ष ताहिर उद्दीन ताहिर ने बताया कि बादशाह शाहजहां के उर्स का समापन है, इसलिए हिंदुस्तानी कपड़े की चादर दरगाह पर पेश की जाती है. सभी धर्म के लोग मिलकर इस चादर को तैयार करते हैं. हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सब लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा लेते और मन्नतें मांगते हैं.
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शाहजहां और मुमताज की कब्र पर चढ़ाई गई सबसे लंबी चादर
जिनकी मन्नते पूरी होती है वो कपड़ा देते हैं. इस साल 1600 मीटर कपड़ा आया था. 40 मीटर कपड़ा खराब हो गया था. इस दौरान ताजमहल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. सीआईएसएफ और एएसआई विभाग व्यवस्थाओं को संभाले हुए था. ताजमहल में फ्री एंट्री की वजह से काफी संख्या में भीड़ थी. पर्यटकों को मुख्य मकबरे तक जाने के लिए जिगजैग रूट सिस्टम रखा गया था. मुगल शहंशाह शाहजहां का 369वां उर्स था.
इस मौके पर लोगों ने मांगी अमन-चैन की दुआ
बता दें, बुधवार को ताजमहल में चंदन यानी संदल की रस्म हुई थी. दोपहर 2 बजे तहखाने में शाहजहां और मुमताज की कब्रों की चादर उतार कर चंदन का लेप लगाया गया था. साथ ही गुलाब जल और इत्र छिड़ककर फिर से मखमली चादर चढ़ाई गई. यह चंदन अजमेर शरीफ और दिल्ली से आया था. फ्री एंट्री के चलते बड़ी संख्या में टूरिस्ट ताजमहल में मौजूद रहे.