नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के बाद मजदूर दिवस को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है. नोएडा पुलिस और जिला प्रशासन ने पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके. औद्योगिक क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है.
दरअसल, मजदूर दिवस से पहले सुरक्षा का जायजा लेने के लिए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने फेस-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स में फ्लैग मार्च किया. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
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प्रशासन ने 30 अप्रैल से 8 मई तक पूरे जिले में धारा 163 लागू कर दी है. गौतमबुद्ध नगर को 11 जोन और 49 सेक्टर में बांटकर निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
कड़ी निगरानी और भारी पुलिस तैनाती
पुलिस ने जिले के 50 से अधिक संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया है. इन इलाकों में ड्रोन और CCTV कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है. प्रमुख चौराहों और औद्योगिक क्षेत्रों में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है.
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और PAC बल की तैनाती की गई है. प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की भीड़ या प्रदर्शन पर तुरंत नजर रखी जाएगी और स्थिति बिगड़ने से पहले ही कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति भीड़ जुटाने, माहौल खराब करने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकारी दफ्तरों के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है.
प्रशासन की अपील और स्वास्थ्य सुविधाओं की घोषणा
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में जनता का सहयोग बेहद जरूरी है.
वहीं, जिलाधिकारी मेधा रूपम ने मजदूर दिवस के अवसर पर श्रमिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि जिले में मेगा हेल्थ कैंप आयोजित किए जा रहे हैं.
इन कैंपों के माध्यम से 67 निजी अस्पतालों और ‘आप’ स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके साथ ही 134 सरकारी अस्पतालों और वेलनेस सेंटरों पर भी श्रमिकों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी. प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है.