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अब बढ़ जाएगी कर्मचारियों की सैलरी, नोएडा प्रोटेस्ट के बाद UP सरकार ने लिया फैसला, 1 अप्रैल से होगा लागू

Noida Employee Protest: नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तुरंत न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है. साथ ही प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया कि ₹20,000 वेतन की खबरें पूरी तरह झूठी हैं और आगे वेज बोर्ड के जरिए स्थायी समाधान निकाला जाएगा.

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नोएडा प्रोटेस्ट के बाद यूपी सरकार का फैसला (Photo: PTI)
नोएडा प्रोटेस्ट के बाद यूपी सरकार का फैसला (Photo: PTI)

बीते सोमवार को नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन और आगजनी के बाद  उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर दी है.अंतरिम वेतन वृद्धि के नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. अलग-अलग श्रेणियां में अधिकतम करीब 3000 तक इजाफा हुआ है. यह तात्कालिक फैसला है, आगे व्यापक समीक्षा के बाद वेज बोर्ड के माध्यम से स्थाई समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

साथ ही सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन ₹20,000 प्रति माह निर्धारित कर दिया गया है.सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सूचना पूरी तरह से 'मनगढ़ंत और झूठी' है.लोगों से केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की गई है.

शासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और श्रमिकों की मांगों को देखते हुए न्यूनतम वेतन में तत्काल रूप से अंतरिम वृद्धि (Interim Hike) करने का निर्णय लिया है.अगले माह एक वेज बोर्ड (Wage Board) का गठन किया जाएगा, जिसकी अनुशंसाओं के आधार पर भविष्य में न्यूनतम वेतन का निर्धारण होगा.इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं के तहत पूरे देश में एक समान न्यूनतम आधार रेखा (फ्लोर वेज) तय करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है.

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उत्तर प्रदेश में हाल ही में अधिसूचित दरें इस प्रकार हैं:

अकुशल श्रमिक: ₹11,313.65 प्रति माह (दैनिक: ₹435.14)
अर्धकुशल श्रमिक: ₹12,446 प्रति माह (दैनिक: ₹478.69)
कुशल श्रमिक: ₹13,940.37 प्रति माह (दैनिक: ₹536.16)

 इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियोक्ताओं से अपील की है कि वे श्रमिकों को नियमानुसार वेतन, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश और बोनस सुनिश्चित करें.साथ ही, कार्यस्थल पर महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी जाए.साथ ही उन्होंने अराजक और बाहरी तत्वों द्वारा की जा रही गैर-कानूनी गतिविधियों की निंदा की है.प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए. 

बता दें कि बीते सोमवार को नोएडा में सैलरी बढ़ाने और कामकाजी परिस्थितियों में सुधार को लेकर प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन बढ़ गया.कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे इन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके चलते सेक्टर-60 और 62 के आसपास सड़कों पर जाम लग गया. ट्रैफिक जाम होने से दफ्तर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. इस दौरान गाड़ियों में आगजनी की भी खबरें आईं.

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