उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में 15 साल पहले किए गए एक हिन्दू युवक के अपहरण मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब अपहरण कर्ताओं ने पीड़ित युवक का धर्मांतरण कराकर सनसनी फैल दी. ये ही नही आरोपियों अन्य समुदाय के लोगो में वैमनस्य फैलाने के उद्देश्य से कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जिसमें इस पीड़ित हिंदू युवक को मस्जिद में नमाज पढ़ाई जा रही है.
इन वीडियो के वायरल होने के बाद हिंदू संगठन भी सक्रिय हुए, जिसके बाद इस मामले में पुलिस ने तुरंत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
दरसअल जानकारी के मुताबिक सीकरी गांव निवासी अफसर नाम के एक व्यक्ति ने 15 साल पहले हरिद्वार निवासी राकेश शर्मा नाम के एक युवक का अपहरण किया था. जिसके बाद वह उसे अपने घर ले आया था जहां उसने इस हिन्दू युवक को दास बनाकर रखा था. लेकिन अचानक से कुछ दिनों पूर्व अफसर और उसके कुछ साथियों ने पीड़ित युवक राकेश शर्मा का धर्मांतरण कराकर उसे भौकारेहड़ी गांव की एक मस्जिद में नमाज भी पढ़ाई थी. इस दौरान की कुछ वीडियो भी आरोपियों ने अपने मोबाइल में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थी.
इन वीडियो के वायरल होने के बाद हिंदू संगठन सक्रिय हो गए थे जिसके चलते 2 दिन पूर्व हिंदू संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने भोपा थाने पहुंचकर इस मामले में कार्रवाई करने की पुलिस अपील की थी. जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में अपहरणकर्ता अफसर और उसके तीन अन्य साथियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 140(4),353(2)(3),61(2)(क) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 में दर्ज किया था. जहां 19 अप्रैल को इस मामले के मुख्य अभियुक्त अफसर को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका था, तो वहीं मंगलवार को पुलिस ने इस मामले के बाकी तीन अभियुक्त सलमान, दानिश और अनस को भी गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है.
इसकी जानकारी देते हुए सीओ भोपा देवव्रत वाजपेई ने बताया कि विगत दिनों थाना भोपा अंतर्गत सीकरी से एक धर्मांतरण का मामला प्रकाश में आया था. जिसके संबंध में सुसंगत धाराओं में थाना भोपा पुलिस द्वारा मुकदमा पंजीकृत कराया गया था. इस मुकदमें में चार नामजद अभियुक्त थे. जिनमें से एक अभियुक्त की गिरफ्तारी 19 तारीख को हो चुकी थी. इसी जांच के क्रम में भोपा पुलिस जो शेष वांछित अभियुक्त थे. उन तीनों को गिरफ्तार कर आज मान्य न्यायालय के समक्ष पेश किया गया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. आगे भी विवेचना जारी है. इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे आवश्यकता अनुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.