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स्मैक केस में 3 लाख की रिश्वत का ऑडियो वायरल, SHO और दो सिपाही सस्पेंड

मुजफ्फरनगर में 3 लाख रुपये रिश्वत मांगने की ऑडियो वायरल होने के बाद थानाध्यक्ष और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया. महिला ने 2.85 लाख रुपये देने का दावा किया है. जांच में आरोप सही पाए गए. एसएसपी ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच एसपी देहात को सौंप दी है.

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रिश्वत लेने के आरोप में थानाध्यक्ष समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड (Photo: Screengrab)
रिश्वत लेने के आरोप में थानाध्यक्ष समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड (Photo: Screengrab)

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में रिश्वतखोरी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक थाना अध्यक्ष और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई उस समय हुई जब करीब 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगने से जुड़ी ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. मामले का संज्ञान लेते हुए एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने तुरंत जांच के आदेश दिए. शुरुआती जांच में थानाध्यक्ष पवन चौधरी और सिपाही अनीस व नवीन की भूमिका  सामने आने पर तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

जानकारी के मुताबिक मार्च महीने में तितावी थाना पुलिस ने 270 ग्राम स्मैक बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि दो आरोपी फरार थे. आरोप है कि फरार आरोपियों के नाम हटाने के बदले में पुलिसकर्मियों ने 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगी. इस मामले में संजीदा नाम की एक महिला ने आरोप लगाया कि वह 2 लाख 85 हजार रुपये पुलिसकर्मियों को दे चुकी है.

थानाध्यक्ष समेत दो सिपाही तत्काल प्रभाव से निलंबित

महिला ने इस पूरे मामले की फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसमें सिपाही नवीन की आवाज सुनाई दे रही है. इसके बाद महिला ने एक वीडियो भी जारी कर पूरी घटना की जानकारी दी और अपने पैसे वापस दिलाने की मांग की. ऑडियो और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. एसएसपी ने मामले की जांच सीओ को सौंपी. सीओ की रिपोर्ट में आरोपों को गंभीर पाया गया, जिसके आधार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया.

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एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि यह मामला मार्च महीने का है, जिसमें स्मैक बरामदगी के दौरान कार्रवाई की गई थी. दो आरोपी गिरफ्तार हुए थे और दो वांछित थे. इसी दौरान यह ऑडियो सामने आया, जिसमें महत्वपूर्ण तथ्य पाए गए. जांच के बाद कार्रवाई की गई है और अब पूरे मामले की विस्तृत जांच एसपी देहात को सौंपी गई है.

जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एसएसपी ने की सख्त कार्रवाई

उन्होंने यह भी कहा कि शासन की एंटी करप्शन नीति के तहत किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब जांच के बाद आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है.

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